06:30 AM, 16-Jan-2025
कैलाश खेर ने बताया ऐतिहासिक अवसर
प्रख्यात गायक कैलाश खेर ने कहा कि महाकुंभ संगम की चर्चा हर जगह हो रही है। यह महोत्सव ऐतिहासिक है। 144 साल बाद जो संयोग बना है वह बहुत अद्भुत है। भारत एकमात्र ऐसी सभ्यता है जहां जीवन जीने की कला पूरी तरह से विज्ञान आधारित है। भारत एकमात्र सभ्यता है जहां हम मानवता और प्रकृति को मानवीय मूल्यों के साथ पोषित करते हैं और हम प्रकृति की देखभाल करते हैं।
#WATCH | Mumbai | On #MahaKumbhMela2025, singer Kailash Kher says, “Mahakumbh Sangam is being discussed everywhere. This festival is historic. The coincidence that has happened after 144 years is very amazing… India is the only civilization where the art of living is completely… pic.twitter.com/GTcUzldGtL
— ANI (@ANI) January 16, 2025
06:24 AM, 16-Jan-2025
बाबा बने आकर्षण…
महाकुंभ में कांटों पर लेटते ही ‘कांटे वाले बाबा’ ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। रमेश कुमार मांझी को अब कांटों वाले बाबा के नाम से जाना जाता है। कांटों पर लेटकर वह कहते हैं कि यह सब ईश्वर की कृपा है जिससे यह संभव हो पाता है।
Prayagraj: ‘Kaante Wale Baba’ attracts eyeballs at Maha Kumbh as he lays down on thorns
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— ANI Digital (@ani_digital) January 15, 2025
06:22 AM, 16-Jan-2025
विदेशी प्रतिनिधिमंडल करेगा पवित्र स्नान
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में केंद्र सरकार के आमंत्रण पर 10 देशों का 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज संगम में पवित्र स्नान करेगा। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल में फिजी, फिनलैंड, गुयाना, मलेशिया, मॉरीशस, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रतिनिधि शामिल हैं।
05:56 AM, 16-Jan-2025
Mahakumbh 2025 Live: 10 देशों का 21 सदस्यीय दल कुछ देर में करेगा पवित्र स्नान, कला-सांस्कृतिक आयोजन भी आज से
तीर्थनगरी प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में श्रद्धालु आज चौथे जिन संगम में डुबकी लगा रहे हैं। बीचे तीन दिनों में करोड़ों लोग पवित्र स्नान कर चुके हैं। आयोजन से प्रभावित कई विदेशी लोग भी सनात के रंग में रंगे दिखाई दे रहे हैं। आज से त्रिवेणी के संगम पर कला-संस्कृति का महाकुंभ सजेगा। चार जगहों पर सजे 24 मंचों पर 5,250 कलाकार अपनी-अपनी कला की प्रस्तुतियां देंगे। आज से गंगा पंडाल में काशी के ऋत्विक सान्याल के शास्त्रीय गायन से महोत्सव प्रारंभ होगा। यमुना, सरस्वती पंडाल में 16 जनवरी को और त्रिवेणी पंडाल में 21 जनवरी से अनवरत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां श्रोताओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।