अभय सिंह, नागा संन्यासी।
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आईआईटी बांबे से एयरो स्पेस की पढ़ाई और दो लाख महीने की नौकरी ठुकराकर अभय सिंह नागा संन्यासी बन गए। उनके इंजीनियरिंग से नागा संन्यासी बनने की वजह से जूना अखाड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है। महाकुंभ को कवर करने आए देश भर के मीडिया कर्मियों की उनके शिविर में तांता लगा हुआ है। वह बताते हैं कि जब वह अपने घर में ध्यान करते थे तो उनके परिवार के लोग उन्हेें पागल बताकर पुलिस को सौंप दिया। उसके बाद से वह संन्यासी बनने का मन बना लिया।