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बॉलीवुड के दिग्गज राइटर-गीतकार जावेद अख्तर को फिल्मों की गहरी समझ है. 70-80 के दशक में सलीम-जावेद की जोड़ी का जलवा किसी सुपरस्टार से कम नहीं था. विजुअल स्क्रिप्ट का चलन इन्होंने ही शुरू किया था. कई फिल्मकार उन्हें अपनी स्क्रिप्ट दिखाते हैं. सलाह लेते हैं. एक बात जावेद अख्तर ने जिस स्क्रिप्ट-फिल्म को फ्लॉप बताया, पूरा प्रयास किया कि वो फिल्म ना बन पाए. दिलचस्प बात यह है कि प्रोड्यूसर-डायरेक्टर नहीं माने. उन्होंने फिल्म बनाई और यह मूवी मैसिव हिट हुई. इतना ही नहीं फिल्म को ऑस्कर नॉमिनेशन भी मिला. यह फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं…..
साल 2000 के आसपास की बात है. डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर नई फिल्म प्लान कर रहे थे. वो अपनी स्क्रिप्ट लेकर जावेद अख्तर के पास पहुंचे. स्क्रिप्ट पढ़कर जावेद अख्तर चिंतित हुए. उन्होंने फिल्म ना बनाने की सलाद दी. प्रोड्यूसर का नाम पूछा तो पता चला आमिर खान फिल्म को बना रहे हैं. ऐसे में उन्होंने आमिर खान को घर पर बुलाया. आमिर खान को भी फिल्म ना बनाने की सलाह दी. यह भी कहा कि मूवी फ्लॉप हो जाएगी. पैसा बर्बाद हो जाएगा. मजेदार बात यह है कि गोवारिकर-आमिर खान ने जावेद अख्तर की बात नहीं मानी. मूवी मैसिव हिट रही और ऑस्कर तक पहुंची. हम जून 2001 में रिलीज हुई ‘लगान’ फिल्म की बात कर रहे हैं. जावेद अख्तर ने पूरा प्रयास किया कि यह फिल्म ना बन पाए. आइये जानते हैं दिलचस्प किस्सा……

लगान फिल्म 15 जून 2001 को रिलीज हुई. आमिर खान-ग्रेसी सिंह लीड रोल में थे. ब्रिटिश एक्टर्स पॉल ब्लैकथॉर्न और रेचल शेली ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं. आशुतोष गोवारिकर के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी बहुत दमदार थी. फिल्म की कहानी 1893 के आसपास की थी. प्रोड्यूसर आमिर खान ही थे. म्यूजिक एआर रहमान का था. स्क्रीनप्ले-डायलॉग आशुतोष गोवारिकर-कुमार दवे ने मिलकर तैयार किए थे. आज लगान फिल्म की गिनती इंडियन सिनेमा की कल्ट क्लासिक फिल्मों में होती है. ‘लगान’ ऑस्कर के लिए बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेट हुई थी. फिल्म ने 8 नेशनल अवॉड जीते थे. स्लिप डिस्क की समस्या की वजह से आशुतोष गोवारिकर ने बेड पर लेटकर ‘लगान’ का डायरेक्शन किया था. फिल्म की शूटिंग गुजरात के भुज जिले के एक गांव में हुई थी.

जावेद अख्तर ने एक चैट शो में स्वीकार करते हुए कहा था, ‘जब मैंने इसकी स्क्रिप्ट सुनी तो मुझे लगा कि ये क्या सिचुएशन है. कोई सीधी सिचुएशन ही नहीं है. हर गाने में 200 आदमी आ जाते हैं. तो फिर गाना कैसा लिखा जाएगा? गाना हो रहा है या पंचायत है. चलो भाई, एक गाना ऐसा हो, हर गाना ऐसा ही है. बारिश आने वाली है, भगवान कुछ बचा ले हमें. मैं बहुत परेशान हो गया. मेरी ईमानदारी की दाद दीजिए. मैंने पूरी कोशिश की थी कि लगान बनने ना पाए.’
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जादू के नाम से मशहूर जावेद अख्तर ने आगे बताया, ‘मुझे आशुतोष गोवारिकर ने जब कहानी सुनाई तो मैं परेशान हो गया. मैंने सोचा कि इन्होंने एक लंबी लिस्ट बनाई है कि क्या नहीं करना है. पिक्चर में क्या-क्या नहीं करना चाहिए, सब जमा करके स्क्रिप्ट बनाई है. उस जमाने में कहते थे कि गांव की कहानी पर फिल्म नहीं बनाना चाहिए लेकिन यह मूवी गांव की है. हीरो धोती पहने हुए है, आज के जमाने में किसी को धोती पसंद नहीं है. क्रिकेट बहुत स्लो गेम है, उसी पर फिल्म बना रहे हैं. पीरियड फिल्में लोगों को अपील नहीं करतीं लेकिन मूवी ब्रिटिश टाइम पर है. जो-जो काम नहीं होते, उसी की लिस्ट फिल्म में थी. उसी पर फिल्म बन रही थी.’

जावेद अख्तर ने किस्से को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘आमिर खान से मेरा रिश्ता बहुत पुराना है. यादों की बारात मेरी ही फिल्म थी, जिसमें आमिर ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट पहली बार एक्टिंग की थी. तब ये 7 साल के थे. मुझे बड़ी फिक्र हुई जब पता चला कि आमिर खान इस फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे हैं. मैंने इन्हें अपने घर बुलाया. मैंने कहा कि इस फिल्म को मत बनाओ. मैंने बहुत समझाया लेकिन शुक्र है कि ये समझे नहीं.’

आमिर खान ने इसी प्रोग्राम में कहा, ‘मैं जब जावेद साहब से मिला तो उन्होंने कहा कि ये फिल्म तुम क्यों बना रहे हो? प्लीज इसे मत बनाओ.’ जावेद अख्तार ही वो पहले शख्स थे जिन्होंन आमिर खान के सुपर स्टार बनने की भविष्यवाणी की थी. इसका किस्सा भी बेहद दिलचस्प है. जावेद अख्तर ने इस किस्से के बारे में बताया था. उन्होंने कहा था, ‘मैं नासिर हुसैन से मिलने उनके घर गया था. नासिर साहब ने एक कोने में बैठे लड़के की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह मेरा भतीजा है. मैंने जैसे ही देखा तो कहा कि यह लड़का स्टार है. मैंने कहा कि आपने इसे असिस्टेंट क्यों बना रखा है? इसके लिए कोई रोमांटिक पिक्चर बनाइये. आज वही लड़का हमारे सामने बैठा है.’

आमिर खान ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि लगान फिल्म के लिए उन्होंने तत्काल हामी नहीं भरी थी. पहली बार में तो कहानी ही रिकेक्ट कर दी थी. बहुत रिस्की फिल्म थी. मेनस्ट्रीम सिनेमा से हटकर फिल्म थी. जब हम इसे बना रहे थे तो माना जा रहा था कि यह डिजास्टर साबित होगी. मुझे लगा था कि हम अच्छी फिल्म बना रहे हैं.

आशुतोष गोवारिकर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘जब आमिर खान ने मेरी कहानी रिजेक्ट की तो दुख तो हुआ. फिर मैंने जिद ठान ली. तीन महीने बाद फिर से फोन किया. कहा कि मेरे पास एक फुली डेवलप स्क्रिप्ट है. सुनाना चाहता हूं. आमिर ने कहा कि उसी कहानी को तो डेवलप करके नहीं ले आए हो, तो मैंने कहा कि हां, वही कहानी है. जब स्क्रीनप्ले सुना तो हैरान रह गए.’

लगान फिल्म की शुरुआती और अंतिम नैरेशन अमिताभ बच्चन की आवाज में था. जब उनसे आशुतोष गोवारिकर-आमिर खान ने संपर्क किया तो उन्होंने कहा था कि मैं जिस फिल्म में वॉइस ओवर देता हूं, वो फिल्म फ्लॉप हो जाती है. अगर आप फिर ही रिस्क लेना चाहते हैं तो मुझे कोई दिक्कत नहीं. आमिर ने कहा कि हम रिक्स लेने को तैयार हैं. फिल्म जब रिलीज हुई तो इतिहास रच दिया. 24 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 66 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म का क्लैश सनी देओल की फिल्म ‘गदर’ से हुआ था.
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