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एयरफोर्स अफसर के घर जन्मा यह लड़का आगे चलकर मनोरंजन जगत का बड़ा नाम बना, लेकिन उसकी निजी जिंदगी हमेशा सुर्खियों में रही. करियर के शुरुआती संघर्ष के दौरान उसे एक लड़की से प्यार हुआ और दोनों शादी से पहले साथ रहने लगे. मामला तब बिगड़ा जब 20 साल की गर्लफ्रेंड प्रेग्नेंट हो गई, परिवार को लंबे समय तक इसकी भनक नहीं लगी, लेकिन एक दिन मां ने बहू जैसी दिख रही लड़की को देखकर बेटे से कहा ‘देखो, तुम्हारे बेटे ने क्या कर दिया.’ इसके बाद घर में हंगामा मच गया. दिलचस्प बात यह है कि बाद में इस स्टार ने एक नहीं, बल्कि तीन बार शादी की. जानते हैं ये कौन हैं?
नई दिल्ली. बॉलीवुड में कई ऐसी जोड़ियां रही हैं, जिन्होंने शादी से पहले लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहकर साथ वक्त बिताया और फिर रिश्ते को आगे बढ़ाया. कई बार तो रिलेशनशिप के दौरान ही प्रेग्नेंसी की खबरें आम हुईं और फिर उन्होंने शादी का फैसला किया. श्रीदेवी-बोनी कपूर, नेहा धूपिया-अंगद बेदी, आलिया भट्ट-रणबीर कपूर, कोंकणा सेन शर्मा-रणवीर शौरी, महिमा चौधरी-बॉबी मुखर्जी ये वो चंद नाम हैं, जो शादी के बाद कुछ समय के बाद ही पेरेंट्स बन गए. लेकिन क्या आप उस स्टार को जानते हैं, जिसके परिवार का सिनेमाई दुनिया से कोई लेना-देना नहीं था. लेकिन बॉलीवुड में आया और दर्शकों के साथ स्टार्स और डायरेक्टर्स का पसंदीदा बन गया. लेकिन उस स्टार की पर्सनल लाइफ किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है.

लिव-इन रिलेशनशिप के बारे में जब लोग नाक-भौं सिकोड़ते थे, उस वक्त ये कपल बिना शादी के साथ रहना शुरू किया था. पलक्कड़ के ओलवक्कोट के रहने वाले रमेश गोपी नायर, मलयाली एयरफोर्स अफसर गोपी नायर और माधवी अम्मा के छह बच्चों में से एक हैं. रमेश के एक भाई गणेश और चार बहनें हैं. आज वे भारतीय सेलिब्रिटी दुनिया का जाना-पहचाना नाम हैं. लेकिन अगर आप कहीं जाकर रमेश गोपी नायर के बारे में पूछेंगे तो शायद ही कोई पहचाने.

ये कहानी देश के मशहूर डांस कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा हैं. उनकी पत्नी लिजेल डिसूजा कॉस्ट्यूम डिजाइनर भी हैं. इन दोनों की लव स्टोरी काफी दिलचस्प है. उनकी पत्नी लिजेल डिसूजा, जिनका पहले नाम लिजेल वॉटकिन्स था. जिनसे उनकी मुलाकात संघर्ष के दिनों में हुई थी. उस दौर में ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ को समाज में अच्छा नहीं माना जाता था, लेकिन दोनों ने शादी से पहले साथ रहने का फैसला किया. उस समय लिजेल की उम्र सिर्फ 20 साल थी और उन्हें एयर होस्टेस की नौकरी भी मिल चुकी थी.
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शुरुआत में रेमो के घरवाले लिजेल के साथ उनके रिश्ते के बारे में नहीं जानते थे और लिजेल के पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे. एयर होस्टेस की नौकरी मिलने के बाद दोनों में थोड़ी दूरी आ गई. लेकिन दोनों को लगा कि अलग-अलग रहकर जिंदगी नहीं चलेगी, इसलिए रेमो ने लिजेल को नौकरी छोड़ने के लिए कहा. ज्यादा परेशानी से बचने के लिए दोनों ने अपने घरवालों से झूठ बोल दिया कि उन्होंने शादी कर ली है.

हालात तब बदल गए जब लिजेल गर्भवती हो गईं. शुरुआत में दोनों ने इस बात को छिपाने की कोशिश की. रेमो की मां ने सबसे पहले यह बात समझ ली कि उनकी बहू गर्भवती है. मां के सवाल पर रेमो घबरा गए. मां ने पिता से कहा, ‘देखो तुम्हारे बेटे ने क्या कर दिया’. शादी से पहले बेटा और उसकी पार्टनर माता-पिता बनने वाले हैं, यह बात परिवार के लिए सोच पाना भी मुश्किल था. तब लिजेल ने कहा, ‘यह सब अपने आप हो गया. 20 साल की उम्र में हमें कुछ समझ नहीं था. मेरे पास बस यही एक सफाई है.’ इसी दौरान लिजेल की मां को भी पता चल गया कि बेटी की शादी की बात झूठ थी. बेटा पैदा हुआ तो उसकी बपतिस्मा के लिए चर्च में शादी जरूरी थी, क्योंकि लिजेल एंग्लो-इंडियन थीं. हालांकि, लिजेल को रेमो पर भरोसा नहीं था.

लिजेल ने बताया था कि बेटे के जन्म के बाद भी मुझे रेमो से शादी करने में तीन महीने लग गए. उसने मुझे मनाया. आखिरकार, क्रिसमस के दिन 1999 में दोनों ने सेंट मैरी चर्च में शादी रचाई. इसके बाद दोनों ने एक हिंदू रीति-रिवाज से शादी भी की. अपनी शादी की 20वीं सालगिरह पर उन्होंने एक बार फिर शादी के वादों को दोहराया, जिससे उनके बंधन को एक नई मजबूती मिली.

बहुत से लोग मानते हैं कि लिजेल से शादी करने के लिए रमेश गोपी नायर ने धर्म बदलकर रेमो डिसूजा नाम रखा. लेकिन असलियत कुछ और है. रेमो ने कहा, ‘लोग सोचते हैं कि मैंने लिजेल के लिए धर्म बदला, लेकिन यह सच नहीं है.; गुजरात के जामनगर में रहने के दौरान, 15 साल की उम्र में उन्होंने धर्म बदला था.

रेमो ने एक इंटरव्यू में बताया था कि गुजरात में रहते हुए मैंने चर्च के लिए बहुत काम किया. उनके लिए शो किए, चैरिटी के काम किए. एक बार डेविस नाम के पादरी ने मुझसे पूछा, ‘तुम चर्च के लिए इतना कुछ करते हो, तो क्यों न इस धर्म को अपना लो?’ ‘मेरे कजिन्स और बाकी लोग भी कैथोलिक थे. मैंने अपने पिता से पूछा कि क्या मैं ईसाई धर्म अपना सकता हूं. उन्होंने कहा, ‘तुम्हें जो करना है करो, बस मेरा नाम मत बदलना.’ आज वे इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी यह इच्छा मैंने पूरी की. आज भी मेरा पूरा नाम रेमो गोपी डिसूजा है.’

सिर्फ रेमो ही नहीं, बल्कि लिजेल की आस्थाएं भी दो धर्मों में है. जहां रेमो पहले हिंदू थे और बाद में कैथोलिक बने, वहीं लिजेल ने अपने माता-पिता के दिवंगत होने के बाद हिंदू धर्म की ओर झुकाव बढ़ता देखा. उनके घर ‘सब्र’ में मां मैरी की प्रतिमा के साथ-साथ गणेश और दुनिया के सबसे छोटे शिवलिंग वाला मंदिर भी है. रेमो सुबह उठकर दोनों मंदिरों में पूजा करते हैं. यह अनोखा तालमेल उनकी एक-दूसरे और भगवान के प्रति गहरी श्रद्धा को दिखाता है. अब वे एडोनिस और गैब्रियल के माता-पिता हैं.
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