लखनऊ/एबीएन न्यूज। रेल मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) ने लोको पायलट (एलपी) और सहायक लोको पायलट (एएलपी) के लिए अत्याधुनिक एर्गोनोमिक लोकोमोटिव ड्राइवर कैब विकसित किया है। इस नई डिजाइन का उद्देश्य विशेष रूप से लंबी दूरी के संचालन के दौरान चालक दल की सुविधा, सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों में महत्वपूर्ण सुधार करना है।
आरडीएसओ के महानिदेशक श्री प्रभास दंसाना ने इलेक्ट्रिकल लैब में तैयार किए गए फुल-स्केल मॉक-अप का निरीक्षण किया और इस क्रू-केंद्रित नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल अधिक सुरक्षित, सुचारु और कुशल ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नई डिजाइन की गई लोको कैब में एर्गोनोमिक सीटिंग व्यवस्था, उन्नत क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम, बेहतर कार्यक्षेत्र, ध्वनि-रोधक सामग्री तथा डिफॉगिंग सुविधा के साथ सिंगल लुकआउट ग्लास लगाया गया है, जिससे चालक को बेहतर दृश्यता मिलेगी। इसके साथ ही आधुनिक ड्राइवर डेस्क, उन्नत गेज प्रणाली और बेहतर प्रकाश व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है, जो थकान कम करने और सतर्कता बढ़ाने में सहायक होगी।

इसके अलावा कैब में प्रभावी एयर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, उपकरण रखने के लिए स्थान, लॉगबुक और बोतल होल्डर तथा निरीक्षण कार्यों के लिए फोल्डेबल सीट जैसी सुविधाएँ भी दी गई हैं। इन व्यवस्थाओं से लोको पायलटों की कार्यकुशलता बढ़ेगी और यात्रियों के लिए सुरक्षित एवं आरामदायक ट्रेन संचालन सुनिश्चित होगा।
इस डिजाइन को विकसित करने से पहले लोको पायलटों, सहायक लोको पायलटों और रखरखाव कर्मचारियों की समस्याओं और आवश्यकताओं को समझने के लिए विस्तृत फील्ड स्टडी की गई। इसके बाद डिजिटल मॉक-अप और वास्तविक आकार के फुल-स्केल मॉडल तैयार किए गए, जिन्हें जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट्स से प्राप्त सुझावों के आधार पर और बेहतर बनाया गया। अंतिम रूप से तैयार इस एर्गोनोमिक कैब डिजाइन को लोकोमोटिव में लागू करने के लिए बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बीएलडब्ल्यू) को भेजा जाएगा।
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