बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देश तथा जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र के अध्यक्ष श्री राम सुलीन सिंह के आदेशानुसार बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने राबर्ट्सगंज स्थित बाल गृह (बालिका) एवं वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण टीम में समिति के सदस्य श्री ओमकार शुक्ला, अपर जनपद न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) तथा श्री राहुल, सिविल जज सीडी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शामिल रहे। टीम ने पूर्वासी ग्रामीण उत्थान विकास सेवा समिति द्वारा संचालित इन्द्रपुरी कॉलोनी राबर्ट्सगंज स्थित बाल गृह (बालिका) का निरीक्षण किया। इस दौरान अधीक्षिका श्रीमती नीलम सिंह एवं समस्त स्टाफ मौजूद रहा। निरीक्षण के समय बाल गृह में कुल 37 बालिकाएं आवासित पाई गईं, जिनमें सोनभद्र की 19, मीरजापुर की 14, शाहजहांपुर की 1, भदोही की 3 बालिकाएं तथा एक नवजात शिशु शामिल था।

निरीक्षण के दौरान बाल गृह में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। बालिकाओं को निर्धारित मीनू के अनुसार नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जा रहा था। टीम द्वारा बालिकाओं एवं स्टाफ को महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, दहेज निषेध, घरेलू हिंसा से संरक्षण, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न निषेध, लैंगिक अपराधों से बाल संरक्षण, मातृत्व लाभ, समान पारिश्रमिक, उत्तराधिकार अधिकार सहित विभिन्न कानूनों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से संबंधित योजनाओं एवं अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।

इसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री राहुल द्वारा वन स्टॉप सेंटर का भी निरीक्षण किया गया। अधीक्षिका श्रीमती दीपिका सिंह स्वास्थ्य कारणों से अनुपस्थित रहीं, जबकि अन्य स्टाफ मौजूद रहा। वन स्टॉप सेंटर में निरीक्षण के समय चार नवजात शिशु आवासित पाए गए, जिनमें सूर्यांश, कात्यायनी, तन्वी और गौरी शामिल हैं। टीम ने बच्चों की देखभाल, पोषण एवं स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण में वन स्टॉप सेंटर की साफ-सफाई एवं अभिलेखों की स्थिति संतोषजनक पाई गई। सभी पंजिकाएं अद्यतन मिलीं। उपस्थित स्टाफ को विभिन्न महिला एवं बाल संरक्षण कानूनों के साथ-साथ नालसा द्वारा संचालित योजनाओं जैसे ड्वान यूनिट, आशा यूनिट, संवाद यूनिट एवं जागृति यूनिट की जानकारी दी गई। टीम ने निर्देश दिया कि जनपद के विभिन्न स्थानों पर जागरूकता शिविर आयोजित कर महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाए।
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