विभूतिखंड में बृहस्पतिवार दोपहर एनटीपीसी भवन के सामने निर्माणाधीन बिल्डिंग में बेसमेंट की खोदाई के दौरान अचानक मिट्टी ढह गई। इसके नीचे दो मजदूर दब गए। पुलिस, दमकल और एसडीआरएफ ने किसी तरह से दोनों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक एक की मौत हो चुकी थी।
बाराबंकी के रामनगर में अमोली कीतरपुर निवासी लक्ष्मी शंकर अवस्थी (36) की इस घटना में जान चली गई। उनके भाई दीनबंधु ने बताया कि लक्ष्मी शंकर मजदूर बाजार से काम पर गए थे। उनके साथ बाराबंकी के तुलसीराम और आठ अन्य मजदूर भी काम कर रहे थे। वे करीब 15 फीट नीचे बेसमेंट की खोदाई कर रहे थे। सुबह करीब 10 बजे अचानक मिट्टी ढहने से लक्ष्मी शंकर और तुलसीराम दब गए। आठ मजदूर किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे। मौके पर मौजूद ठेकेदार और चार मजदूर भाग निकले। साथी मजदूरों ने उन्हें सूचना दी, जिसके बाद उन्होंने पुलिस और दमकल को बुलाया।
डेढ़ घंटे चला बचाव कार्य
एफएसओ गोमतीनगर सुशील यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ टीम भी बचाव कार्य में शामिल हुई। दो घंटे की मशक्कत के बाद लक्ष्मी शंकर और तुलसीराम को बाहर निकाला गया। पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने लक्ष्मी शंकर को मृत घोषित कर दिया। तुलसीराम को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप
लक्ष्मी शंकर के भाई दीनबंधु ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को बिना सुरक्षा उपकरण के काम पर लगाया गया था। लक्ष्मी शंकर के परिवार में उनकी पत्नी भाग्यवती और छह माह की बेटी हैं। दीनबंधू ने बताया कि एक घर से पांच हजार रुपये लेकर आया था। इसमें से काफी रुपये खर्च हो गए। किसी से उधार लेकर भाई का अंतिम संस्कार करेंगे। इंस्पेक्टर विभूतिखंड अमर सिंह ने बताया कि घटनास्थल पर अस्पताल का निर्माण चल रहा है। अभी तक बिल्डिंग मालिक या ठेकेदार से संपर्क नहीं हो सका है। शिकायत मिलने पर साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।















