सोनभद्र/एबीएन न्यूज। विन्ध्यांचल मण्डल के मण्डलायुक्त श्री राजेश प्रकाश ने जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के क्रम में मण्डलायुक्त ने 48 आईआर वाहिनी परिसर में निर्माणाधीन टाइप-ए के 16 आवासों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता, उपयोग की जा रही सामग्री एवं तकनीकी मानकों की बारीकी से जांच की। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि कार्य में तेजी लाई जाए और तय समयसीमा के भीतर इसे पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कार्य में देरी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
इसके उपरांत उन्होंने नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और निर्देश दिया कि भवन निर्माण में गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों एवं उपयोगिता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके। निर्माण कार्य में तेजी लाने हेतु श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और संसाधनों के समुचित उपयोग पर भी बल दिया गया।

मण्डलायुक्त ग्राम पंचायत नई भी पहुंचे, जहां उन्होंने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान पशुओं के रख-रखाव, स्वच्छता, पेयजल एवं चारे की उपलब्धता की समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि गोवंश को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी और चारा उपलब्ध कराया जाए तथा नेपियर घास की खेती को बढ़ावा देकर हरे चारे की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के दौरान पटवध पेयजल समूह योजना, हिन्दुआरी का भी जायजा लिया गया। मण्डलायुक्त ने पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी गांवों में नियमित, स्वच्छ एवं निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। जहां भी तकनीकी समस्याएं हों, उनका तत्काल समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पेयजल से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

अंत में मण्डलायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। नियमित निरीक्षण एवं सतत समीक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि विकास कार्यों का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचे।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, डीसी मनरेगा रविन्द्र वीर सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अजय कुमार मिश्रा, संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
![]()
















