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डीएमके और एआईडीएमके पार्टियों का दबदबा रहा तमिलनाडु में, लेकिन महज दो साल पहले अस्तित्व में आई अभिनेता विजय की (थलापति विजय) पार्टी ‘तमिझगा वेत्री कझगम’ (TVK) ने चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है. कुल 108 सीटों में से TVK ने बढ़त हासिल की है. यानी विजय की पार्टी तमिलनाडु की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. कभी फैंस एसोसिएशन से शुरू हुई पार्टी आज तमिलनाडु की सत्ता संभालने के काबिल बन गई है. क्या आप जानते हैं कि थलापति विजय अपने मम्मी-पापा की शादी में शामिल हुए थे.
नई दिल्ली. तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय इन दिनों अपनी राजनीतिक पार्टी तमिझगा वेत्री कझगम (TVK) को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं. तमिलनाडु की राजनीति में उनकी बढ़ती पकड़ के बीच अब उनके परिवार से जुड़ी एक पुरानी और दिलचस्प कहानी चर्चा में आ गई है. सोशल मीडिया पर एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें छोटे से विजय अपने माता-पिता की शादी में नजर आ रहे हैं. उस समय विजय की उम्र करीब छह साल थी.

फिल्म निर्देशक एस.ए. चंद्रशेखर और उनकी पत्नी शोभा चंद्रशेखर के बेटे हैं ‘थलापति’ विजय, जिसे तमिल जनता ने प्यार से यह नाम दिया है. पिता के फिल्मी संबंधों के चलते विजय को बचपन में ही फिल्मों में काम करने का मौका मिला. चंद्रशेखर और बहन की मौत के बाद विजय काफी गुमसुम हो गया था.

वर्तमान में विजय और उनकी पत्नी संगीता का मिश्रित विवाह है, जो तलाक के कगार पर है. शादी के बाद भी धर्म कभी उनके जीवन में बाधा नहीं बना. विजय के माता-पिता भी ऐसे ही थे. पिता चंद्रशेखर ईसाई थे, जबकि मां शोभा हिंदू थीं.
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चंद्रशेखर एक महत्वाकांक्षी फिल्म डायरेक्टर थे. शुरुआती दिनों में वे प्रसिद्ध निर्देशक राजेंद्र प्रसाद के असिस्टेंट के रूप में काम कर रहे थे. उसी समय उन्होंने शोभा का किराया घर लिया. शोभा एक लोकप्रिय पार्श्व गायिका थीं, जो लाइट म्यूजिक ग्रुप्स में गाती थीं और बाद में फिल्मों में प्लेबैक सिंगर बनीं. दोनों के बीच धीरे-धीरे प्रेम हो गया.

चंद्रशेखर ने अपने दिल की बात तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता शिवाजी गणेशन को बताई. उस समय चंद्रशेखर ‘पट्टकथ्थि भैरवन’ फिल्म के असिस्टेंट डायरेक्टर थे. चंद्रशेखर ने शिवाजी गणेशन से कहा कि उन्हें शोभा पसंद है और वे शादी करना चाहते हैं. शिवाजी गणेशन और उनका परिवार इस रिश्ते के लिए तैयार हो गए.शादी के दिन, शिवाजी गणेशन की पत्नी कमला अम्माल ने शोभा को मंगलसूत्र (थाली) दिया. फिल्म इंडस्ट्री के प्यार और आशीर्वाद के साथ दोनों ने शादी की. फिल्म इंडस्ट्री के आशीर्वाद के साथ शादीशुदा जीवन शुरू हुआ. यह पूरा विवाह सिनेमा जगत के स्नेह और आशीर्वाद से भरा हुआ था और उसे तमिल सिनेमा का ऐतिहासिक पल माना गया.

शादी के अगले ही साल 1974 में दंपति के घर जोसेफ विजय (थलापति विजय) का जन्म हुआ. चंद्रशेखर ईसाई विश्वास के थे, जबकि शोभा हिंदू थीं. दोनों के बीच अंतरधार्मिक शादी थी, लेकिन कभी भी धर्म ने उनके रिश्ते में बाधा नहीं डाली. तमिल टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, विजय के 6 साल के होने पर शोभा की इच्छा पर दोनों ने चर्च में दूसरी बार विवाह किया. उस समय का ब्लैक एंड व्हाइट फोटो आज भी सोशल मीडिया पर वायरल होता है. इस अनोखे विवाह को बेटा विजय भी मौजूद था.

चंद्रशेखर और शोभा एक बेटी के भी माता-पिता थे, लेकिन वह सिर्फ 2 साल में की उम्र में दुनिया से चल बसी. बहन के जाने का दुख विजय को बहुत हुआ. कहते हैं कि वह इस दुख को सहन नहीं कर पाए और कुछ समय के लिए बाहरी दुनिया से दूर हो गए थे. पिता के सिनेमा संबंधों के कारण विजय बाल कलाकार के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में आए और बाद में सुपरस्टार बने.

माता-पिता की तरह विजय ने खुद संगीता नाम की हिंदू लड़की से शादी की और दोनों ने मिलकर कभी धर्म को बीच में नहीं आने दिया. लेकिन 27 साल के इस रिश्ते में अब कुछ ठीक नहीं है. संगीता ने तलाक की अर्जी कोर्ट में दी. वहीं, अब विजय राजनीति में सक्रिय हैं. टीवीके की जीत के बाद तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर उनका नाम चर्चा में है. फिलहाल तमिलनाडु में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या फिल्मों के बाद राजनीति में भी विजय इतिहास रच पाएंगे.
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