ईरान की ओर से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फुजैराह पेट्रोलियम औद्योगिक क्षेत्र पर किए गए हमले की भारत ने कड़ी निंदा की। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस तरह के हमले और नागरिकों को नुकसान पहुंचाना अस्वीकार्य है और तुरंत इन्हें रोका जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
भारत ने कहा कि वह पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता चाहता है और इसके लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता है। भारत ने यह भी अपील की है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य से बिना रुकावट व्यापार और आवाजाही जारी रहनी चाहिए। भारत ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और समाधान के लिए प्रयास करने की बात कही है।
Our statement on the attack on Fujairah ⬇️
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— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) May 5, 2026
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों और ड्रोन को रोका। लेकिन फुजैराह में एक ड्रोन हमले से तेल सुविधा में आग लग गई। इसमें वहां काम कर रहे तीन भारतीय घायल हो गए। इस बीच, ब्रिटिश सेना ने भी समुद्र में दो जहाजों में आग लगने की जानकारी दी है।
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ईरान ने नहीं ली हमले की जिम्मेदारी
ईरान ने इस हमले की जिम्मेदारी सीधे नहीं ली। लेकिन उसके विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका और यूएई को स्थिति बिगाड़ने से बचना चाहिए। ईरान के एक सैन्य अधिकारी ने भी कहा कि उनका यूएई या किसी तेल ठिकाने पर हमला करने का कोई प्लान नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब अमेरिका की सैन्य नीतियों की वजह से तनाव बढ़ रहा है।












