सोनभद्र/एबीएन न्यूज। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्ययोजना वर्ष 2025-26 के तहत जनपद में एडीआर भवन में पराविधिक स्वयंसेवकों (अधिकार मित्रों) की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव द्वारा की गई, जिसमें विभिन्न स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
बैठक में पराविधिक स्वयंसेवकों को महिला सशक्तिकरण एवं महिलाओं के संरक्षण हेतु बनाए गए कानूनों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से महिला स्वयंसेवकों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं तक कानूनी जानकारी पहुंच सके और वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों।
इसके साथ ही स्वयंसेवकों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के संबंध में जनपद के प्रत्येक क्षेत्र में जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए, जिससे पात्र लाभार्थियों को योजना का अधिकतम लाभ मिल सके।
बैठक में सरकार द्वारा संचालित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं तथा नालसा (NALSA) स्कीम के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। स्वयंसेवकों को स्थायी लोक अदालत की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए आमजन को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा उपभोक्ता आयोग और उपभोक्ता अधिकारों के संबंध में जानकारी देते हुए आम लोगों को जागरूक करने पर बल दिया गया। वैवाहिक विवादों के मामलों में न्यायालय जाने से पहले प्री-लिटिगेशन स्तर पर समाधान की प्रक्रिया को अपनाने के लिए भी लोगों को प्रेरित करने की बात कही गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित इस व्यवस्था को विवादों के शीघ्र और सौहार्दपूर्ण निस्तारण का प्रभावी माध्यम बताया गया।
बैठक में उपस्थित सभी पराविधिक स्वयंसेवकों ने जनहित में इन योजनाओं के प्रचार-प्रसार को व्यापक स्तर पर करने का संकल्प लिया। इस संबंध में जानकारी राहुल, सिविल जज (सीडी)/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा दी गई।
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