धीमी ऋण वितरण प्रक्रिया पर डीएम ने जताई नाराजगी, एक सप्ताह में लंबित आवेदनों के निस्तारण के निर्देश
सोनभद्र/एबीएन न्यूज। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैंकर्स एवं नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अग्रणी जिला प्रबंधक इंडियन बैंक, विभिन्न नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी एवं बैंक समन्वयक मौजूद रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्ट्रीट वेंडर्स को दिए जाने वाले ऋण वितरण एवं नए आवेदनों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को प्रथम किस्त में 15 हजार रुपये, द्वितीय किस्त में 25 हजार रुपये तथा तृतीय किस्त में 50 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है, ताकि छोटे कारोबारियों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता मिल सके।
समीक्षा में ऋण वितरण और नए आवेदनों की प्रगति धीमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित बैंक अधिकारियों एवं नगर निकायों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अविलंब ऋण वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगर क्षेत्रों में अधिक से अधिक पात्र स्ट्रीट वेंडर्स की पहचान कर उनके आवेदन कराए जाएं।

बैठक में नगर पंचायत अनपरा, ओबरा, रेणुकूट एवं रॉबर्ट्सगंज की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक सप्ताह के भीतर अधिक से अधिक आवेदन सुनिश्चित किए जाएं और नगर क्षेत्रों के विस्तारित इलाकों में संचालित सभी स्ट्रीट वेंडर्स को योजना से जोड़ा जाए।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी एवं जनकल्याणकारी योजना है, जिसकी नियमित समीक्षा शासन स्तर पर सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से की जाती है। जिले की रैंकिंग आवेदन और ऋण वितरण के अनुपात के आधार पर निर्धारित होती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनाने और उनके छोटे कारोबार को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसलिए सभी संबंधित विभागों एवं बैंक अधिकारियों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
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