सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जनगणना कार्य की प्रगति में लापरवाही बरतने वाले 48 प्रगणकों के विरुद्ध जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने जनगणना के अंतर्गत चल रहे मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति न मिलने पर संबंधित प्रगणकों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि आगामी दो दिनों के भीतर कार्य में उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ तो संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद की चारों तहसीलों में चल रहे जनगणना कार्य का विस्तृत मूल्यांकन किया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुल 48 प्रगणकों द्वारा आवंटित प्रगणना ब्लॉकों में प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य निर्धारित गति से नहीं किया गया है। इनमें रॉबर्ट्सगंज तहसील के 19, घोरावल के 10, दुद्धी के 10 तथा ओबरा तहसील के 9 प्रगणक शामिल हैं।
बैठक में यह भी सामने आया कि कई प्रगणकों ने एचएलओ एप पर परिवारों से संबंधित आंकड़ों का सिंक्रोनाइजेशन नहीं किया, जिससे कार्य की वास्तविक प्रगति दर्ज नहीं हो सकी और जनगणना अभियान प्रभावित हुआ। इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

श्री गौड़ ने चार्ज अधिकारियों, सुपरवाइजरों और प्रगणकों को निर्देशित किया कि जनगणना कार्य शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी लंबित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करते हुए आगामी दो दिनों के भीतर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
समीक्षा बैठक में ग्रासिम इंडस्ट्री क्षेत्र से संबंधित जनगणना कार्य की प्रगति भी असंतोषजनक पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित चार्ज अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए तथा कार्य में तेजी लाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर जनगणना प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसकी गुणवत्ता एवं शुद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपादित किया जाए, ताकि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरे किए जा सकें।
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