अनपरा/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जनपद में जन शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता तथा राजस्व संबंधी मामलों में अपेक्षित प्रगति न होने पर प्रशासन ने जवाबदेही तय करते हुए दंडात्मक कदम उठाए हैं।
जिलाधिकारी के निर्देशन में प्रशासनिक कार्यों की नियमित समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई विभागों एवं राजस्व कर्मियों द्वारा जन शिकायतों के निस्तारण में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। विशेष रूप से आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों का समय से निस्तारण नहीं किया गया तथा अंश निर्धारण से जुड़े मामलों में भी अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई दी।
इसी क्रम में रॉबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र के सुरसत खुर्द, राजस्व निरीक्षक क्षेत्र रायपुर में तैनात लेखपाल मदन मोहन यादव को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उप जिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित लेखपाल द्वारा आईजीआरएस संदर्भों के निस्तारण में गंभीर लापरवाही बरती गई तथा राजस्व कार्यों में भी अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई गई। इसके साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्रशासनिक समीक्षा के दौरान अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली भी संतोषजनक नहीं पाई गई। इसके चलते तहसीलदार सदर, तहसीलदार ओबरा, तहसीलदार घोरावल, तहसीलदार दुद्धी तथा क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को स्पष्टीकरण जारी किया गया है।
इसके अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता जल निगम ग्रामीण, अधिशासी अभियंता विद्युत पिपरी, वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों, नगर पंचायत डाला के अधिशासी अधिकारी, विभिन्न क्षेत्रों के अनेक लेखपालों, खंड विकास अधिकारी रॉबर्ट्सगंज, थानाध्यक्ष बभनी तथा अधिशासी अभियंता मीरजापुर नहर प्रखंड सहित कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों का जून माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने तथा शिकायतकर्ताओं से प्राप्त असंतोषजनक फीडबैक के आधार पर की गई है।
जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जन शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनहित, राजस्व मामलों और न्यायालयीय प्रकरणों से जुड़े कार्यों में शिथिलता पाए जाने पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर न निपटाया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन का उद्देश्य सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना है, ताकि आमजन को समय पर न्याय और राहत मिल सके।
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