अनपरा/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जनपद में आकाशीय विद्युत और डूबने की घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को शासन की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देश पर पात्र परिवारों को निर्धारित अहैतुक सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि विपत्ति की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिल सके।
जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आकाशीय विद्युत की चपेट में आने से मृत अंशिका पुत्री रमाशंकर निवासी ग्राम नौगवांनंदलाल, तहसील घोरावल तथा आंचल पुत्री विनोद निवासी ग्राम बसदेवा, तहसील रॉबर्ट्सगंज के परिजनों के खातों में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि हस्तांतरित किए जाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है।
इसी प्रकार डूबने की घटनाओं में मृत पीयूष पुत्र मिथलेश निवासी ग्राम कोटा, तहसील दुद्धी तथा पवन कुमार पुत्र मुखलाल निवासी नैकहा, तहसील ओबरा के परिजनों को भी चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत करते हुए भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि कृष्ण निषाद पुत्र अरविन्द निषाद निवासी रोगही, विकासखंड कोन तथा अंकित कुमार पुत्र उदय निवासी ग्राम कोटा, तहसील दुद्धी के मामलों में पोस्टमार्टम एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं। सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद उनके परिजनों को भी नियमानुसार चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि शासन का प्रयास है कि आपदा प्रभावित परिवारों को यथाशीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिल सके। प्रशासन इस संबंध में संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है और सभी पात्र मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है।
जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान मौसम परिस्थितियों को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है। आंधी-तूफान, तेज बारिश अथवा आकाशीय विद्युत चमकने की स्थिति में लोग घरों से बाहर निकलने से बचें तथा खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। उन्होंने कहा कि नदी, तालाब, पोखरों, बांधों एवं अन्य जलाशयों के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं तथा बच्चों पर विशेष निगरानी रखें।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा या आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन, पुलिस अथवा संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा सकें। जनसहभागिता, जागरूकता और सावधानी ही प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनहानि को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
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