सोनभद्र/एबीएन न्यूज। आगामी मानसून को देखते हुए जनपद में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में सीएनडीएस, नगर पालिका परिषद, जल निगम तथा आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में इमरती कॉलोनी एवं आसपास के क्षेत्रों की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्षाकाल में जलभराव की समस्या से आमजन को होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए प्रशासन इस बार स्थायी समाधान की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि इमरती कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में बरसात के दौरान होने वाले जलभराव को लेकर पूर्व में स्थलीय निरीक्षण किया गया था, जिसमें स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी प्राप्त किए गए थे।
इसके बाद संबंधित विभागों द्वारा विस्तृत सर्वेक्षण कराया गया तथा आईआईटी कानपुर की विशेषज्ञ टीम ने क्षेत्र का तकनीकी अध्ययन कर विभिन्न विकल्पों का परीक्षण किया। समीक्षा बैठक में विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इमरती कॉलोनी से बढ़ौली चौराहा, कचहरी एवं महिला थाना मार्ग होते हुए बेलन नदी तक नाले का निर्माण जल निकासी के लिए सबसे प्रभावी और व्यवहारिक विकल्प होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रस्तावित ड्रेनेज सिस्टम से वर्षाजल का तेजी से निकास संभव होगा, जिससे इमरती कॉलोनी और आसपास के बाजार क्षेत्र में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि बरसात शुरू होने से पहले आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने नगर पालिका क्षेत्र के पुराने हिस्सों का भी समग्र सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूरे नगर क्षेत्र के लिए वैज्ञानिक आधार पर नया ड्रेनेज प्लान तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो और नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने कहा कि जलभराव जैसी समस्याओं से जनता को राहत दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध तरीके से योजनाओं को धरातल पर उतारना होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
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