अनपरा/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) द्वारा कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन एवं बेहतर पारस्परिक संबंधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को सिंगरौली स्थित सीईटीआई परिसर में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। “फाइट क्लीन: स्ट्रेंथनिंग द बॉन्ड्स दैट फ्री अस” विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में कर्मचारियों को संबंध प्रबंधन और भावनात्मक कल्याण के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया गया।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में आध्यात्मिक प्रशिक्षक श्री देवामीरा दास ने प्रतिभागियों को जीवन में स्वस्थ संबंधों की महत्ता और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में कार्यस्थल और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में सकारात्मक संवाद, आत्म-जागरूकता और भावनात्मक नियंत्रण व्यक्ति के जीवन को अधिक संतुलित और सफल बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में उत्पन्न होने वाले तनाव, मतभेद और चुनौतियों का समाधान केवल बाहरी परिस्थितियों को बदलने से नहीं, बल्कि स्वयं के दृष्टिकोण और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने से संभव है। उन्होंने प्रतिभागियों को आंतरिक जागरूकता विकसित करने, सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखने तथा आत्मिक सहयोग के माध्यम से संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला के दौरान कर्मचारियों को विभिन्न जीवन-कौशलों, आत्म-नियमन (सेल्फ रेगुलेशन), प्रतिक्रियात्मक व्यवहार पर नियंत्रण तथा सचेत एवं विवेकपूर्ण निर्णय लेने की तकनीकों के बारे में भी प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने आपसी संवाद, भावनात्मक समझ और सकारात्मक सोच के महत्व को समझते हुए कार्यशाला में सक्रिय सहभागिता की।
इस अवसर पर एनसीएल की विभिन्न परियोजनाओं एवं इकाइयों से लगभग 73 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में उपस्थित कर्मचारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल कार्यस्थल का वातावरण बेहतर बनाते हैं, बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होते हैं।
एनसीएल प्रबंधन द्वारा समय-समय पर कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तित्व विकास और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कंपनी का मानना है कि स्वस्थ मानसिक स्थिति और मजबूत पारस्परिक संबंध किसी भी संस्थान की सफलता और उत्पादकता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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