कानूनगो व लेखपाल पर आदेश की अनदेखी का आरोप, दबंग के प्रभाव में हीलाहवाली करने की शिकायत
अनपरा/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। रॉबर्ट्सगंज न्यायालय द्वारा पारित आदेश के लगभग 11 माह बाद भी जमीन की पत्थरगड्डी (सीमांकन) न होने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने राजस्व अधिकारियों पर न्यायालय के आदेश की अनदेखी करने तथा दबंग व्यक्ति के प्रभाव में आकर कार्रवाई टालने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी सोनभद्र एवं डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
ग्राम बनौरा प्रथम, थाना पन्नूगंज निवासी मुल्ला खान पुत्र स्वर्गीय अरमान खान ने आरोप लगाया है कि डिप्टी कलेक्टर रॉबर्ट्सगंज के न्यायालय ने 25 जून 2025 को आराजी संख्या 198 मि. की पत्थरगड्डी कराने का स्पष्ट आदेश पारित किया था। न्यायालय ने राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल को टीम के साथ मौके पर जाकर सीमांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था, लेकिन आदेश पारित होने के बाद भी अब तक उसका अनुपालन नहीं कराया गया।
पीड़ित का आरोप है कि कानूनगो एवं लेखपाल लगातार अलग-अलग बहाने बनाकर कार्रवाई टालते रहे हैं। कभी धान की फसल तो कभी गेहूं की फसल का हवाला देकर सीमांकन की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि से सटे एक प्रभावशाली व्यक्ति ने जमीन के कुछ हिस्से पर अवैध कब्जा कर रखा है और उसी के दबाव में राजस्व अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
मुल्ला खान ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित दबंग व्यक्ति द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिससे उनका परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के बावजूद यदि राजस्व विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है तो यह न्यायिक व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस मामले को लेकर मुल्ला खान अपने अधिवक्ता पुत्र शाहनवाज आलम खान के साथ डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र पहुंचे और लिखित शिकायत देकर न्यायालय के आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की। साथ ही जिलाधिकारी सोनभद्र से हस्तक्षेप कर सीमांकन कार्य पूर्ण कराने तथा अवैध कब्जे के मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें प्रशासन और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है तथा उम्मीद है कि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाएगा, जिससे उन्हें अपने अधिकार की भूमि पर न्याय मिल सके।
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