सिंगरौली/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान (सीईटीआई) में मंगलवार से खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (एमएमडीआर अधिनियम) के संशोधित प्रावधानों पर आधारित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। 30 जून एवं 1 जुलाई 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को नवीन कानूनी प्रावधानों से अवगत कराते हुए अवैध खनन, कोयला चोरी एवं संबंधित अपराधों के विरुद्ध प्रभावी, त्वरित एवं विधिसम्मत कार्रवाई के लिए सक्षम बनाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एमएमडीआर अधिनियम की धारा 22, 23(ख) एवं 24 में किए गए हालिया संशोधनों की विस्तार से जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों को इन संशोधनों के व्यावहारिक क्रियान्वयन, वैधानिक शक्तियों के उपयोग तथा जांच एवं अभियोजन की प्रक्रिया से परिचित कराया जा रहा है, ताकि अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
कार्यक्रम में बीसीसीएल के वरिष्ठ सलाहकार (सुरक्षा) एवं सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी श्री विपुल शुक्ला विशेषज्ञ प्रशिक्षक के रूप में अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने संशोधित कानूनी प्रावधानों, अधिकृत अधिकारियों के अधिकार एवं दायित्व, साक्ष्य संकलन, तलाशी एवं जांच की विधिक प्रक्रिया, जब्ती की कार्रवाई तथा सक्षम न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत करने से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह भी बताया कि कानून के प्रभावी अनुपालन से अवैध खनन एवं कोयला चोरी जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में किस प्रकार सहायता मिलेगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिवस एनसीएल की अमलोरी, बीना, ब्लॉक-बी, सीडब्ल्यूएस, दुधिचूआ एवं जयंत परियोजनाओं के क्षेत्रीय महाप्रबंधक, परियोजना अधिकारी, खान प्रबंधक, एरिया मैनेजर (मानव संसाधन), एरिया नोडल अधिकारी (सुरक्षा) तथा अन्य संबंधित अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों को संशोधित कानून के विभिन्न प्रावधानों के व्यावहारिक उपयोग एवं प्रक्रियागत पहलुओं की भी जानकारी दी गई।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा एमएमडीआर अधिनियम की धारा 22, 23(ख) एवं 24 में संशोधन किए जाने के बाद एनसीएल के अधिकृत अधिकारियों तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के अधिकारियों को अवैध खनन एवं उससे जुड़े मामलों में व्यापक वैधानिक अधिकार प्राप्त हुए हैं। संशोधित प्रावधानों के तहत अधिकृत अधिकारी साक्ष्य संकलित कर सक्षम न्यायालय में सीधे परिवाद प्रस्तुत करने सहित अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त अन्य शक्तियों का प्रभावी उपयोग कर सकेंगे। माना जा रहा है कि यह विधिक सुधार एनसीएल के खनन क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा कोयला संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
![]()












