लखनऊ के अलीगंज के गेमिंग जोन में आग लगने से 15 लोगों की मौत के मामले की जांच कर रही एसआईटी अपने निष्कर्ष पर पहुंचने वाली है। जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में गेमिंग जोन और पेट शॉप का संचालन हो रहा था, उसके हर कोने में अवैध निर्माण था। एसआईटी को मंगलवार को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी थी, जिसमें अभी एक-दो दिन और लग सकते हैं। रिपोर्ट में लखनऊ विकास प्राधिकरण और विद्युत सुरक्षा निदेशालय द्वारा बरती गई लापरवाही से जुड़े तथ्यों के आधार कड़ी कार्रवाई की सिफारिश करने की तैयारी है।
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की अब तक की जांच में सामने आया है कि जिस बिल्डिंग में आग लगी थी, उसका बिजली का स्वीकृत लोड 20 किलोवाट था, जबकि इस्तेमाल करीब 35 किलोवाट हो रहा था। बेतरतीब अवैध निर्माण और अधिक लोड की वजह से इमारत में आग लगने के बाद वह विकराल होती गई और लोग बाहर नहीं निकल सके।
बायोमीट्रिक डोर लगा होने और दूसरा रास्ता नहीं होने से भी उनका बच पाना नामुमकिन हो गया। यह भी सामने आया है कि इमारत के मालिक ने अवैध मंजिल का निर्माण कराने के बाद दूसरे रास्ते के लिए लोहे की सीढि़यां नहीं लगाई। इसकी जगह वहां लिफ्ट लगवा दी। इतना ही नहीं, सीढि़यों के रास्ते पर तमाम एयर कंडीशन की आउटर यूनिट लगी होने से आग भड़कने से वह भी बंद हो गया। वहीं अधिक बिजली लोड के बावजूद ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली।