अनपरा/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। कोयला कर्मचारियों के लंबित वेतन समझौते एवं श्रमिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्रीय संयुक्त मोर्चा (एटक, इंटक, एचएमएस एवं सीटू) के आह्वान पर बुधवार को एनसीएल के बीना क्षेत्र में “मांग दिवस” मनाया गया। इस दौरान संयुक्त मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों ने महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया और कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष के नाम संबोधित मांग-पत्र प्रबंधन को सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने कहा कि एनसीडब्ल्यूए-11 के अंतर्गत कोयला कर्मचारियों का वेतन समझौता 30 जून 2026 को समाप्त हो चुका है, लेकिन अब तक 12वें जेबीसीसीआई (ज्वाइंट बाइपार्टाइट कमेटी फॉर द कोल इंडस्ट्री) का गठन नहीं किया गया है। इससे देशभर के लाखों कोयला कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र समिति का गठन नहीं किया गया तो संयुक्त मोर्चा आंदोलन को और व्यापक स्वरूप देने के लिए बाध्य होगा।
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय स्तर पर लिए गए निर्णय के अनुरूप देशभर के कोयला क्षेत्रों में 1 जुलाई को “मांग दिवस” के रूप में मनाया गया। इसी क्रम में एनसीएल के बीना क्षेत्र में भी कर्मचारियों ने गेट मीटिंग आयोजित कर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया तथा विरोध प्रदर्शन के माध्यम से प्रबंधन का ध्यान श्रमिकों की लंबित समस्याओं की ओर आकर्षित किया।

महाप्रबंधक कार्यालय में सौंपे गए ज्ञापन में कोल इंडिया प्रबंधन से 12वें जेबीसीसीआई का तत्काल गठन करने तथा एनसीडब्ल्यूए-12 के अंतर्गत नए वेतन समझौते की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर उसे लागू करने की मांग की गई। साथ ही कर्मचारियों के सेवा अधिकारों एवं श्रमिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा केंद्र सरकार द्वारा लागू श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) को वापस लेने की मांग भी दोहराई गई।
संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने कहा कि कोयला उद्योग देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की रीढ़ है और इसमें कार्यरत कर्मचारियों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में संयुक्त मोर्चा ने सभी कर्मचारियों, पदाधिकारियों एवं श्रमिक साथियों से एकजुट रहने तथा श्रमिक हितों की रक्षा के लिए भविष्य में होने वाले आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
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