अनपरा/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में एनसीएल ने अपनी महत्वाकांक्षी सीएसआर परियोजना ‘खेल तरंग’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन, सिंगरौली के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आधुनिक खेल संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उन्हें जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
मंगलवार, 30 जून 2026 को आयोजित कार्यक्रम में एनसीएल के महाप्रबंधक (सीएसआर) श्री राजीव रंजन तथा जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, सिंगरौली श्री राहुल संयम ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर एनसीएल के प्रबंधक (सीएसआर) श्री प्रशांत कुमार भी उपस्थित रहे।
एनसीएल की ‘खेल तरंग’ परियोजना के अंतर्गत लगभग 7.07 लाख रुपये की लागत से आधुनिक एथलेटिक्स खेल उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं का विस्तार होगा तथा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण एवं अभ्यास का वातावरण मिल सकेगा।
परियोजना से सिंगरौली जिले के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के लगभग 1,500 युवा एवं विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। इसके अलावा स्थानीय विद्यालयों, खेल क्लबों तथा उभरते खिलाड़ियों को भी आधुनिक खेल उपकरणों का लाभ मिलेगा, जिससे क्षेत्र में खेल गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
एनसीएल प्रबंधन के अनुसार परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं आदिवासी युवाओं में खेल भावना, शारीरिक फिटनेस एवं स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है। साथ ही छिपी हुई खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना, ताकि वे जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
परियोजना के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता तथा सकारात्मक सामाजिक सहभागिता को भी बढ़ावा मिलेगा। कंपनी का मानना है कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का भी प्रभावी साधन है।
इस परियोजना का क्रियान्वयन जिला प्रशासन, सिंगरौली के सहयोग से किया जाएगा। यह पहल कंपनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची-7 के अंतर्गत ग्रामीण, राष्ट्रीय, ओलंपिक एवं पैरालंपिक खेलों के संवर्धन से संबंधित प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जा रही है।
एनसीएल ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘खेल तरंग’ परियोजना स्थानीय प्रतिभाओं को आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें खेल जगत में नई पहचान दिलाने के साथ-साथ क्षेत्र में खेल संस्कृति को भी सुदृढ़ बनाएगी।
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