लखनऊ/एबीएन न्यूज। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री उदय बोरवणकर ने गुरुवार को लखनऊ मंडल के गोंडा-बुढ़वल-सीतापुर रेलखंड का विस्तृत संरक्षा एवं विकास कार्यों का निरीक्षण कर यात्री सुविधाओं, स्टेशन पुनर्विकास, ट्रैक एवं पुलों की सुरक्षा, समपार फाटकों और संरक्षा व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता से समझौता किए बिना सभी विकास कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा रेल संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री नीलमणि, प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक श्री राजेश कुमार, प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक श्री प्रकाश चन्द्र जायसवाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट) श्री नवीन झा, प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर श्री मुरारी लाल मकवाना, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री सुमित कुमार तथा मंडल रेल प्रबंधक श्री गौरव अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गोंडा स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चल रहे पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
उन्होंने स्टेशन भवन के डिजाइन, स्ट्रक्चर एवं मास्टर प्लान का अवलोकन करते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और तय समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्लेटफार्म संख्या-1 की सुदृढ़ीकरण योजना, साफ-सफाई व्यवस्था, फूड ट्रैक एवं रेल आहार स्टॉलों का निरीक्षण किया। रेलवे सुरक्षा बल के डॉग स्क्वायड से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली तथा परिवर्धित गार्ड ब्रेक वैन का भी निरीक्षण किया। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए उन्होंने गोंडा स्थित अधिकारी विश्रामालय परिसर में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पौधरोपण भी किया।

महाप्रबंधक ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तथा संरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन पूर्वोत्तर रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
गोंडा-बुढ़वल-सीतापुर रेलखंड के विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण के दौरान उन्होंने समपार संख्या-303 स्पेशल का निरीक्षण कर गेटमैन से संरक्षा संबंधी जानकारी प्राप्त की। बुढ़वल स्टेशन पर सोलर पैनल, पैनल रूम तथा स्टेशन अधीक्षक से ट्रेन संचालन एवं यात्री सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्टेशन परिसर से अनुपयोगी सामग्री हटाकर स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा बुढ़वल यार्ड में ट्रैक मशीन स्टाफ के कैंपिंग कोच का निरीक्षण कर प्रकाश व्यवस्था, जनरेटर, पेयजल एवं बैटरी चार्जर जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की।

सुढ़ियामऊ-तहसील फतेहपुर स्टेशन के मध्य स्थित गोलाई संख्या-2 का निरीक्षण एवं मापन करने के साथ उन्होंने सुमली नदी पर स्थित पुल संख्या-78 का निरीक्षण किया और पुल के नीचे होने वाली अनाधिकृत आवाजाही को तत्काल रोकने के निर्देश दिए। वहीं बिसवां-सरैया के मध्य गेट संख्या-52/सी पर गेटमैन की संरक्षा संबंधी जानकारी, नियमों की जानकारी, डेटोनेटर एवं टीवीयू की जांच की। गेटमैन की दक्षता एवं उत्कृष्ट कार्यप्रणाली से संतुष्ट होकर उन्होंने मौके पर ही उसे नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
निरीक्षण के अंतिम चरण में महाप्रबंधक सीतापुर जंक्शन पहुंचे, जहां उन्होंने एकीकृत क्रू लॉबी में ‘साइन ऑन-साइन ऑफ’, ‘स्पेड’, ‘काउंसलिंग’ तथा कर्मचारी परिवाद पंजिकाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद एकीकृत रनिंग रूम में खानपान व्यवस्था, विश्राम कक्ष एवं व्यायाम कक्ष का जायजा लिया। उन्होंने गर्मी के मौसम को देखते हुए रनिंग रूम में एयर कंडीशनिंग की सुविधा उपलब्ध कराने तथा लोको पायलट एवं ट्रेन मैनेजरों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

इसके उपरांत उन्होंने सीतापुर जंक्शन स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों, यात्री सुविधाओं तथा रेलवे कॉलोनी का भी विस्तृत निरीक्षण किया। इस अवसर पर महाप्रबंधक ने संरक्षा विभाग, पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ द्वारा तैयार “नॉन-इंटरलॉक समपार फाटक एवं स्वचालित सिग्नलिंग क्षेत्र में असामान्य कार्य प्रणाली” विषयक हैंडबुक का विमोचन भी किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य परियोजना प्रबंधक (रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट), वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय), वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, उप मुख्य परियोजना प्रबंधक (गतिशक्ति), वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (टीआरडी) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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