फीफा विश्वकप 2026 में फिलहाल पुर्तगाल और क्रोएशिया के बीच राउंड ऑफ 32 का मुकाबला जारी है। यह मुकाबला टोरंटो में खेला जा रहा है। इस मैच में हारने वाली टीम विश्वकप से बाहर हो जाएगी। पुर्तगाल के रोनाल्डो और क्रोएशिया के लुका मॉड्रिच पर सभी की नजरें हैं। मैच की शुरुआत हो चुकी है और शुरुआती 24 मिनट यानी पहले हाइड्रेशन ब्रेक तक कोई गोल नहीं हो सका है। पुर्तगाल की टीम लगातार काउंटर अटैक कर रही है। रोनाल्डो ने शुरुआती 10 मिनट में हेडर से गोल का एक आसान मौका छोड़ दिया। क्रोएशिया के डिफेंडर्स शानदार बचाव कर रहे हैं।
दोनों ही टीमों का लक्ष्य नॉकआउट दौर में जीत दर्ज कर खिताब की दौड़ में अपनी दावेदारी मजबूत करना होगा। रॉबर्टो मार्टिनेज की अगुआई में पुर्तगाल बड़ी उम्मीदों के साथ मैदान में उतरेगा, जबकि ज्लातको डालिच की अनुभवी क्रोएशियाई टीम एक और बड़ा उलटफेर करने की कोशिश करेगी। पुर्तगाल और क्रोएशिया के बीच पिछले 10 मुकाबले में क्रोएशिया ने सिर्फ एक मैच में जीत हासिल की है।
राउंड ऑफ 32 तक का सफर
पुर्तगाल ने ग्रुप K में शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच अंकों के साथ नॉकआउट में जगह बनाई। टीम पूरे ग्रुप चरण में अपराजित रही, जिसमें एक जीत और दो ड्रॉ शामिल रहे। पुर्तगाल ने छह गोल किए और केवल एक गोल खाया, जिससे उसकी मजबूत रक्षापंक्ति का भी पता चलता है। हालांकि, नॉकआउट में टीम अपने अटैक को और ज्यादा धारदार बनाना चाहेगी।
दूसरी ओर, क्रोएशिया ने ग्रुप L में छह अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहते हुए अगले दौर का टिकट हासिल किया। शुरुआती झटके के बाद टीम ने लगातार दो मुकाबले जीतकर शानदार वापसी की। क्रोएशिया ने पांच गोल किए, लेकिन पांच गोल भी खाए, ऐसे में पुर्तगाल के खिलाफ उसकी रक्षा पंक्ति की कड़ी परीक्षा होगी।
मिडफील्ड की जंग पर रहेंगी निगाहें
इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण मिडफील्ड की भिड़ंत होगी। क्रोएशिया के कप्तान लुका मॉड्रिच और मातेओ कोवाचिच टीम के खेल की गति नियंत्रित करने और गेंद पर कब्जा बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, डिफेंस में योश्को ग्वार्डियोल पुर्तगाल के तेज आक्रमण को रोकने की अहम जिम्मेदारी निभाएंगे। पुर्तगाल की ओर से विटिन्हा और जोआओ नेवेस मिडफील्ड में संतुलन और रचनात्मकता प्रदान करेंगे, जबकि अनुभवी डिफेंडर रुबेन डायस रक्षा पंक्ति का नेतृत्व करते हुए क्रोएशिया के जवाबी हमलों को रोकने की कोशिश करेंगे।
पुर्तगाल का विंग अटैक बनाम क्रोएशिया की मजबूत रक्षापंक्ति
रॉबर्टो मार्टिनेज की रणनीति विंग्स का अधिकतम इस्तेमाल करने की होगी। राफेल लियाओ की रफ्तार और ड्रिब्लिंग क्षमता के जरिए पुर्तगाल चौड़ाई बनाकर क्रोएशिया की रक्षा पंक्ति को फैलाने की कोशिश करेगा। फुल-बैक के ओवरलैप और विंग से आने वाले क्रॉस पुर्तगाल के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकते हैं। वहीं, क्रोएशिया कॉम्पैक्ट मिड-ब्लॉक के साथ खेलते हुए पुर्तगाल के क्रिएटिव खिलाड़ियों को जगह नहीं देना चाहेगा। गेंद छीनने के बाद टीम तेजी से आंद्रेज क्रामारिच के जरिए जवाबी हमला करने की रणनीति अपनाएगी।
जीत की कुंजी
पुर्तगाल के लिए सबसे अहम होगा कि गेंद गंवाने के बाद उसकी टीम तुरंत रक्षात्मक स्थिति में लौटे, क्योंकि क्रोएशिया काउंटर अटैक में बेहद खतरनाक साबित होती है। दूसरी ओर, क्रोएशिया को पूरे मैच में अपनी डिफेंस लाइन के बीच तालमेल बनाए रखना होगा। यदि उसने राफेल लियाओ और पुर्तगाल के अन्य तेज खिलाड़ियों को ज्यादा जगह दी, तो इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। यूरोप की दो मजबूत टीमों के बीच यह मुकाबला तकनीकी गुणवत्ता, अनुभव और सामरिक कौशल की शानदार टक्कर होने की उम्मीद है, जहां छोटी-सी गलती भी किसी एक टीम का वर्ल्ड कप सफर खत्म कर सकती है।












