सीएसआर मद से विकास कार्यों की एक सप्ताह में कार्ययोजना प्रस्तुत करें पीएसपी कंपनियां : जिलाधिकारी
सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के अंतर्गत जनपद में प्रस्तावित विभिन्न पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं (पीएसपी) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्यों की प्रगति, भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृतियों तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी जिलाधिकारी को दी।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि औद्योगिक एवं ऊर्जा परियोजनाओं का उद्देश्य केवल निवेश और उत्पादन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार तथा क्षेत्र के समग्र विकास में भी उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी पीएसपी कंपनियां अपने सामाजिक दायित्व (सीएसआर) का प्रभावी निर्वहन करें और परियोजना क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को विकास का प्रत्यक्ष लाभ मिले, इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परियोजना प्रभावित एवं आसपास के गांवों के विद्यालयों का कायाकल्प कराया जाए। विद्यालयों में भवनों की मरम्मत, शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, खेल सामग्री तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, सामुदायिक सुविधाओं एवं अन्य आधारभूत विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने सभी पीएसपी कंपनियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने परियोजना क्षेत्रों के आसपास सीएसआर मद से कराए जाने वाले विकास कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने कहा कि सोनभद्र को हरित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाने में निजी कंपनियों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उन्होंने सभी कंपनियों को निर्देश दिए कि पहाड़ी एवं बंजर क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही सीड बॉल (बीज बॉल) तकनीक का अधिकाधिक उपयोग कर प्राकृतिक हरियाली बढ़ाई जाए तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखरेख की प्रभावी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है। यदि कंपनियां सामाजिक उत्तरदायित्व एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीरता से कार्य करेंगी तो इससे स्थानीय लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा जनपद का सतत एवं समावेशी विकास सुनिश्चित हो सकेगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) श्री वागीश कुमार शुक्ल, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र श्री विनोद कुमार चौधरी, अपर जिला सूचना अधिकारी श्री विनय कुमार सिंह, उद्यम मित्र श्री नितिन कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न पीएसपी कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, स्थानीय समन्वय तथा विकास कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक सुझावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
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