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बॉलीवुड की जानी मानी एक्ट्रेस मधु का कहना है कि पहले फिल्म इंडस्ट्री में नए कलाकारों को खुद को साबित करने के कई बेहतरीन मौके मिलते थे. लेकिन आज का दौर काफी अलग है. अब पहली ही फिल्म से कलाकारों पर खुद को साबित करने का दबाव होता है और एक छोटी सी चूक भी उनके करियर पर भारी पड़ सकती है.
नई दिल्ली. 90 के दशक की टैलेंटड एक्ट्रेस मधु ने इंडस्ट्री में हो रहे बदलाव को लेकर अपनी राय जाहिर की है. उनका कहना है कि पहले के समय में कलाकारों को खुद को बेहतर बनाने और दर्शकों के बीच पहचान बनाने के लिए वक्त मिलता था, लेकिन आज बॉलीवुड में एंट्री करते ही खुद को साबित करना जरूरी हो गया है.
नई दिल्ली. 90 के दशक की टैलेंटड एक्ट्रेस मधु ने इंडस्ट्री में हो रहे बदलाव को लेकर अपनी राय जाहिर की है. उनका कहना है कि पहले के समय में कलाकारों को खुद को बेहतर बनाने और दर्शकों के बीच पहचान बनाने के लिए वक्त मिलता था, लेकिन आज बॉलीवुड में एंट्री करते ही खुद को साबित करना जरूरी हो गया है.
अजय देवगन के साथ ‘फूल और कांटे’, ‘रोजा’, ‘जेंटलमैन’ और ‘योधा’ जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाने वाली मधु ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि उनके समय की अभिनेत्रियों का करियर लंबा चलता था. उन्हें अपने अभिनय, लुक और स्क्रीन प्रेजेंस पर काम करने का मौका मिलता था. वहीं आज की नई अभिनेत्रियों के सामने शुरुआत से ही जबरदस्त कॉम्पिटिशन है. गौरतलब है कि मधु कई ब्लॉकबस्टर देकर भी एक्टिंग छोड़ गायब हो गई थीं.
मधु ने कहा, ‘हमारे दौर में अगर कोई कलाकार शुरुआत में परफेक्ट नहीं भी होता था, तब भी उसे खुद को साबित करने के लिए कई मौके मिल जाते थे. आज की अभिनेत्रियां पहली फिल्म से ही पूरी तैयारी के साथ आती हैं. वे खूबसूरत दिखती हैं, अच्छा प्रदर्शन करती हैं, लेकिन उन पर पहले दिन से ही शानदार काम करने का दबाव रहता है.
उन्होंने आगे कहा कि आज इंडस्ट्री में नए चेहरों की भरमार है. ऐसे में अगर किसी कलाकार की पहली फिल्म दर्शकों पर असर नहीं छोड़ पाती, तो उसके लिए आगे मौके मिलना मुश्किल हो जाता है. पहले ऐसा नहीं था. कलाकारों को समय मिलता था और वे हर फिल्म के साथ खुद को बेहतर बनाते थे.
अपना उदाहरण देते हुए मधु ने कहा, ‘मेरे 9 साल के करियर में हर फिल्म मेरे लिए सीखने का मौका थी. मैं मानती हूं कि अपनी पहली फिल्म ‘फूल और कांटे’ में मैं बेहतरीन नहीं थी, लेकिन दर्शकों ने मुझे अपनाया. उसी प्यार की वजह से मुझे अभिनय के साथ-साथ हेयरस्टाइल, मेकअप और स्क्रीन प्रेजेंस जैसी कई चीजों में सुधार करने का समय मिला.
उन्होंने कहा कि आज कलाकार पूरी तैयारी के साथ इंडस्ट्री में आते हैं, लेकिन चुनौती भी उतनी ही बड़ी है. अगर पहली ही फिल्म में दर्शकों का दिल नहीं जीत पाए, तो करियर पर असर पड़ सकता है.
बता दें कि मधु ने साल 1991 में अजय देवगन के साथ फिल्म ‘फूल और कांटे’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इसके बाद उन्होंने ‘रोजा’, ‘अल्लारी प्रियुडु’, ‘योधा’ और ‘जेंटलमैन’ जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया. खास तौर पर ‘रोजा’ में उनके अभिनय को आज भी दर्शक याद करते हैं.
मधु ने अपने करियर में हर तरह के रोल निभाए हैं. अपनी डेब्यू हिट के बाद एक समय तो ऐसा भी था, जब वह मेकर्स की पहली पसंद बन गई थीं. लेेकिन एक वक्त ऐसा भी आया, जब वह एक्टिंग से दूरी बनाकर कहीं गायब हो गई थीं. अब वह फिर से इंडस्ट्री में एक्टिव रहने लगी हैं.
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न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें
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