सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मारकुंडी क्षेत्र में 50 एकड़ भूमि पर सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाने की तैयारी है। जिला प्रशासन ने इसके लिए भूमि का चयन कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही परियोजना पर कार्य शुरू किया जाएगा।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि इस अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्र का उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराना है। यहां स्किल डेवलपमेंट सेंटर, औद्योगिक इकाइयों तथा उत्पादों के आउटलेट विकसित किए जाएंगे। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हरित आवरण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि युवाओं को आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और हॉस्पिटैलिटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्हें इसी औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे स्थानीय एमएसएमई, स्टार्टअप और नए उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा तथा जिले में निवेश और आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र को प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर नीति के तहत विकसित किया जाएगा। यहां बिजली, पानी, सड़क, सीवरेज, इंटरनेट समेत सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। तैयार फैक्ट्री शेड्स भी विकसित किए जाएंगे, जिससे उद्यमी मशीनें स्थापित कर शीघ्र उत्पादन शुरू कर सकेंगे। यह परियोजना सोनभद्र को पूर्वांचल एवं विंध्य क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक, कौशल विकास और रोजगार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र तक बेहतर संपर्क के लिए गुरमा मोड़ से प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र तक 15.99 करोड़ रुपये की लागत से सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इससे कच्चे माल और तैयार उत्पादों के परिवहन में सुविधा होगी, ट्रांसपोर्ट लागत कम होगी तथा उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि होगी।
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