अनपरा/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। उत्तर प्रदेश उचित दर विक्रेता कल्याण समिति की जनपद स्तरीय बैठक में कोटेदारों ने खाद्यान्न एवं चीनी वितरण पर मिलने वाले लाभांश में वृद्धि, बकाया कमीशन के भुगतान तथा न्यूनतम आय (मिनिमम इनकम गारंटी) लागू किए जाने की मांग उठाई। मांगें पूरी न होने पर अगस्त 2026 के खाद्यान्न वितरण का बहिष्कार करने और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोटेदारों को मात्र 10 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश मिलता है, जबकि हरियाणा, दिल्ली, गोवा और गुजरात जैसे राज्यों में इससे कई गुना अधिक लाभांश अथवा न्यूनतम आय की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान लाभांश में परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार माह से कोटेदारों का कमीशन भुगतान लंबित है। साथ ही खाद्यान्न के बोरों का लाभांश भी अब तक नहीं मिला है, जिससे उचित दर विक्रेताओं की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
बैठक में राशन कार्डों में डिजिटल हस्ताक्षर के अभाव में नई यूनिट जोड़ने में आ रही दिक्कत का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर खाद्य निरीक्षक अखिलेश ने बताया कि विभाग द्वारा प्रतिदिन डिजिटल हस्ताक्षर किए जा रहे हैं और यह प्रक्रिया लगातार जारी है।
कोटेदारों ने घोषणा की कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो 28 जुलाई को चारबाग (लखनऊ) से मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। साथ ही मांगें पूरी न होने की स्थिति में अगस्त 2026 के खाद्यान्न वितरण का बहिष्कार किया जाएगा।
बैठक में जिले के सभी आठ विकास खंडों एवं चारों विधानसभा क्षेत्रों के कोटेदारों ने भाग लिया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष बिंदु कुमार पटेल, घोरावल ब्लॉक अध्यक्ष विनोद कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में उचित दर विक्रेता उपस्थित रहे।
![]()














