10:29 AM, 08-Jul-2026
सैन्य ठिकानों और मिसाइल सिस्टम पर हमला
अमेरिकी सेना के अनुसार, हवाई हमलों में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। इन लक्ष्यों में वायु रक्षा प्रणाली, तटीय निगरानी ढांचा, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, एंटी-शिप क्रूज मिसाइल ठिकाने, ड्रोन लॉन्च साइट और बंदरगाह से जुड़ा बुनियादी ढांचा शामिल था।
10:19 AM, 08-Jul-2026
अमेरिकी अधिकारी का दावा- पहले से 4-5 गुना बड़ा हमला
एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस से कहा कि इस बार ईरान पर किया गया हमला दस दिन पहले हुए हमलों की तुलना में ‘चार से पांच गुना अधिक बड़ा और ज्यादा शक्तिशाली’ है। अधिकारी ने यह भी कहा कि यह सैन्य अभियान कई घंटे और जारी रह सकता है तथा अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद यह अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई है। एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह अभियान ‘सिर्फ जवाबी कार्रवाई नहीं बल्कि सजा देने के उद्देश्य से’ चलाया जा रहा है। अधिकारी ने कहा, ‘यह सजा है और यह अभी खत्म नहीं होने वाला।’
10:19 AM, 08-Jul-2026
पहले दी गई थी तेल बिक्री की छूट
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 21 जून को पूर्व प्रतिबंधों में ढील देते हुए 21 अगस्त तक ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल और पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन, आपूर्ति और बिक्री की अनुमति दी थी। यह फैसला अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के बाद लिया गया था।
10:08 AM, 08-Jul-2026
ईरान का दावा- चेतावनी के बावजूद आगे बढ़ा टैंकर
वहीं, ईरान के सरकारी प्रसारक आईआपआईबी ने मंगलवार को सूत्रों के हवाले से दावा किया कि कतर के तेल टैंकर Al-Raqayat को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह अमेरिकी नौसेना के समर्थन के साथ ओमानी मार्ग से होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश कर रहा था और उसने ईरान की कई चेतावनियों को नजरअंदाज किया। IRIB ने ईरान के पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि अमेरिका के हमले के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पहले जैसी नहीं रहेगी। जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को केवल उन्हीं मार्गों का इस्तेमाल करना होगा जिन्हें ईरान ने निर्धारित किया है, अन्यथा उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती।
10:02 AM, 08-Jul-2026
तीन टैंकरों पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
अमेरिकी फैसले से पहले तीन तेल टैंकरों के होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास अज्ञात प्रोजेक्टाइल से प्रभावित होने की सूचना मिली थी। यह जानकारी ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने दी। हालांकि, इन हमलों की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली और तेहरान की ओर से भी तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
09:41 AM, 08-Jul-2026
ईरानी तेल बिक्री की छूट भी खत्म
सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ अमेरिका ने वह सामान्य लाइसेंस भी रद्द कर दिया है, जिसके तहत ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति दी गई थी। अमेरिका ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की गतिविधियां ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ हैं और इनके गंभीर परिणाम होंगे। यह जानकारी द टाइम्स ऑफ इस्राइल ने दी है। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को अमेरिकी फैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ईरानी तेल बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध हटाने का निर्णय वापस लेना 18 जून को हस्ताक्षरित इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) के अनुच्छेद-10 का स्पष्ट उल्लंघन है।
09:33 AM, 08-Jul-2026
इराक से तेहरान लौटे राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन
इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन इराक से तेहरान लौट आए हैं। ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB के मुताबिक, वह पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए इराक के नजफ़ गए थे। IRNA के अनुसार, पेजेशकियन बुधवार तड़के नजफ से रवाना हुए और उनकी वापसी ऐसे समय हुई जब अमेरिका ने ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की।
09:17 AM, 08-Jul-2026
‘कोई नागरिक हताहत नहीं’
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हवाई हमलों के बाद कई स्थानों पर जोरदार विस्फोट हुए। क़ेश्म द्वीप, सीरिक और बंदर अब्बास के बंदरगाह क्षेत्रों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा बंदर अब्बास के शाहिद हक्कानी पोर्ट और सीरिक के घाट पर आग लगने की भी खबर है। वहीं, होर्मोज़गान प्रांत के गवर्नर कार्यालय के हवाले से बताया कि मंगलवार शाम अमेरिका द्वारा किए गए हमलों में अब तक किसी भी नागरिक के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
08:54 AM, 08-Jul-2026
अमेरिका का आरोप- तीन व्यापारिक जहाजों पर हमला
अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले एम/टी अल रेकय्यात, सऊदी अरब के झंडे वाले एम/टी वेड्यान और लाइबेरिया के झंडे वाले M/T साइप्रस प्रॉस्पेरिटी पर हमला किया। सेंटकॉम ने इन कथित हमलों को युद्धविराम (सीजफायर) का उल्लंघन बताते हुए कहा, ‘ईरानी बलों की यह अनुचित आक्रामकता युद्धविराम का स्पष्ट और खतरनाक उल्लंघन है और इससे समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता प्रभावित होती है।’ बयान में आगे कहा गया कि यदि समझौते का पालन नहीं किया गया तो सेंटकॉम की सेनाएं ईरान को जवाबदेह ठहराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
08:47 AM, 08-Jul-2026
भारत आ रहे जहाज पर भी हमले की खबर
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एलएनजीसी अल रेकय्यात नाम का विशाल एलएनजी जहाज कतर के रास लफ्फान बंदरगाह से गुजरात के दहेज के लिए रवाना हुआ था। 7 जुलाई को अरब सागर और ओमान की खाड़ी के मिलन बिंदु के पास ट्रांजिट के दौरान जहाज पर संदिग्ध ड्रोन से हमला किया गया। हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई, जिससे काफी देर तक घना धुआं उठता रहा। हालांकि आग पर काबू पा लिया गया। फिलहाल किसी भी तरह के गैस या ईंधन रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है। इस जहाज पर कुल 29 चालक दल के सदस्य सवार हैं, जिनमें चार भारतीय नाविक भी शामिल हैं। सरकारी सूत्रों ने एएनआई को बताया कि सभी क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।











