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बॉलीवुड में पहचान बनाना सिर्फ टैलेंट का खेल नहीं होता, कई बार कलाकार अपने सपनों के लिए खुद को पूरी तरह बदल भी लेते हैं. मशहूर एक्ट्रेस सोनी राजदान ने भी ऐसा ही किया. उन्होंने अपने बालों का रंग बदल लिया, कॉटन की साड़ियां पहननी शुरू कर दीं और यहां तक कि अपनी पूरी पर्सनैलिटी को उस दौर की पसंद के हिसाब से ढालने की कोशिश की. उन्हें उम्मीद थी कि इससे उन्हें बड़े फिल्ममेकर की फिल्मों में लीड रोल मिल जाएगा. लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी यह ख्वाहिश अधूरी रह गई. सालों बाद अब उन्होंने खुद इस संघर्ष का दर्द बयां किया है.
सोनी राजदान श्याम बेनेगल की फिल्म में लीड रोल करना चाहती थीं.
नई दिल्ली. दिग्गज फिल्ममेकर श्याम बेनेगल ने कई फिल्मों से बॉक्स ऑफिस को मालामाल और हिंदी सिनेमा के इतिहास को अमर बनाया है. 70 से 80 के दशक में उन्होंने ‘अंकुर’, ‘मंडी’, ‘कलयुग’, ‘जुबैदा’, ‘भूमिका’ जैसी कई फिल्मों से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई. उस दौर में उनकी फिल्मों का हिस्सा बनना हर कलाकार का सपना हुआ करता था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक्ट्रेस सोनी राजदान ने उनकी नजरों में फिट होने के लिए अपना पूरा लुक तक बदल लिया था. लेकिन अफसोस इस बात का है कि इसके बावजूद उन्हें कभी उनकी फिल्मों में लीड रोल नहीं मिल सका.
हाल ही में बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस सोनी राजदान ने 70 और 80 के दशक के पैरेलल सिनेमा के दौर को याद करते हुए एक मजेदार और दिलचस्प खुलासा किया है. सोनी राजदान ने बताया कि उस दौर के दिग्गज और महान फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल की फिल्मों में लीड रोल पाने के लिए उन्होंने क्या-क्या जतन किए थे. ‘राजी’ एक्ट्रेस ने सोनी राजदान ने स्वीकार किया कि बेनेगल की पसंदीदा एक्ट्रेसेस शबाना आजमी और स्मिता पाटिल के ‘प्रोटोटाइप’ में ढलने के लिए उन्होंने अपने बालों को काला तक करवा लिया था.
ठेठ भारतीय चेहरा चाहते थे श्याम बाबू
हाल ही में स्क्रीन को दिए एक इंटरव्यू में सोनी राजदान ने बताया कि उनकी मां जर्मन थीं, जिसके कारण उनका लुक भारतीय एक्ट्रेसेस से थोड़ा अलग और विदेशी टच लिए हुए था. उन्होंने बताया, ‘उन दिनों मेरा लुक स्मिता पाटिल और शबाना आजमी के पारंपरिक भारतीय लुक से बिल्कुल अलग था. शायद श्याम बाबू अपनी फिल्मों के लिए वैसा ही ठेठ भारतीय चेहरा चाहते थे, जो मेरे पास नहीं था. इसलिए मुझे मुख्य भूमिकाएं मिलना बहुत मुश्किल था.
‘काले किए बाल, पहनी कॉटन साड़ी फिर भी…’
सोनी ने बताया, ‘मुझे लगा कि अगर मैं अपना लुक बदलूं तो शायद वह मुझे अलग नजर से देखें. मैंने बाल काले किए, कॉटन साड़ियां पहनीं, सिल्वर जूलरी पहनी, जो कुछ कर सकती थी, किया. लेकिन उन्होंने मुझे उस नजर से कभी नहीं देखा. मैंने पूरी कोशिश की, लेकिन शायद किस्मत में यही था.’
श्याम बेनेगल की इस फिल्मों में आई नजर
हालांकि, सोनी राजदान को श्याम बेनेगल की दो चर्चित फिल्मों साल 1983 में आई ‘मंडी’ और 1985 में आई ‘त्रिकाल’ में काम करने का मौका मिला. लेकिन दोनों फिल्मों में वह सपोर्टिंग भूमिका में नजर आईं. उन्होंने बताया कि ‘मंडी’ में कलाकारों की इतनी बड़ी टोली थी कि हर किसी को सीमित स्क्रीन स्पेस मिलता था. फिल्म में शबाना आजमी, स्मिता पाटिल, रत्ना पाठक, नीना गुप्ता, श्रीला मजूमदार, अनीता कंवर और इला अरुण जैसी कई दमदार एक्ट्रेसेस शामिल थीं.
सेट पर सीन के लिए इंतजार करते थे कलाकार
सोनी ने कहा कि फिल्म के सेट पर सभी कलाकार इस इंतजार में रहते थे कि श्याम बेनेगल किस सीन में किसे जगह देंगे. उन्होंने इसे अपने करियर का यादगार अनुभव बताया और कहा कि उन्हें बेनेगल से कोई शिकायत नहीं है, क्योंकि इतने बड़े कलाकारों के बीच सभी को बराबर समय देना आसान नहीं था. गौरतलब है कि श्याम बेनेगल भारतीय समानांतर सिनेमा के सबसे बड़े फिल्मकारों में गिने जाते हैं. उनकी फिल्मों में शबाना आजमी और स्मिता पाटिल की जोड़ी लंबे समय तक प्रमुख चेहरों के रूप में नजर आई.
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शिखा पाण्डेय पिछले 15 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में एक्टिव हैं. शिखा दिसंबर 2019 से न्यूज 18 हिंदी के साथ हैं और बतौर चीफ सब एडिटर के पद काम कर रही हैं. पिछले 6 सालों से वह एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही …और पढ़ें
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