अनपरा/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। सिंगरौली स्थित कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की बीना परियोजना द्वारा बुधवार को विद्यार्थियों में प्राथमिक उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्राथमिक उपचार (बेसिक फर्स्ट-एड) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विभिन्न आपातकालीन स्थितियों में त्वरित एवं सही प्राथमिक उपचार की जानकारी देकर जीवन रक्षक कौशल से प्रशिक्षित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अटल चिकित्सालय, बीना की विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम ने विद्यार्थियों को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) की सही तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान करने, सर्पदंश की स्थिति में बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों, जलने एवं गंभीर चोट लगने पर प्रारंभिक उपचार के उपायों तथा रक्तचाप की जांच एवं सामान्य रोगों की पहचान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि समय पर सही प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए तो गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों तथा आपातकालीन सेवाओं से शीघ्र संपर्क करने के तरीकों की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में डीएवी विद्यालय, बीना के लगभग 80 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राथमिक उपचार की तकनीकों को व्यवहारिक रूप से सीखा तथा विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
गौरतलब है कि एनसीएल द्वारा विद्यार्थियों को जीवन रक्षक कौशल से प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से ‘बेसिक फर्स्ट-एड ट्रेनिंग 2.0’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इस पहल के प्रथम चरण में एनसीएल के 10 विद्यालयों के 3,200 विद्यार्थियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
एनसीएल के अनुसार अभियान के अंतर्गत अब तक 37 प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिनके माध्यम से 1,807 विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार एवं जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। कंपनी का उद्देश्य विद्यार्थियों में ऐसी व्यावहारिक क्षमता विकसित करना है, जिससे वे आवश्यकता पड़ने पर स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों की भी मदद कर सकें।
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