सोनभद्र/एबीएन न्यूज। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मा० श्रीमती चारू चौधरी एवं सदस्य मा० श्रीमती गीता विश्वकर्मा ने सर्किट हाउस सभागार में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं एवं बालिकाओं के कल्याण के लिए जनपद में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान महिला उत्पीड़न से संबंधित प्राप्त शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना गया। मा० उपाध्यक्ष ने पुलिस विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं से जुड़े मामलों का त्वरित, संवेदनशील एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा पीड़ित महिलाओं को आवश्यक सहायता समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में महिला कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, महिला हेल्पलाइन-181 एवं चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक इन योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी पहुंच सके और उन्हें समय से लाभ मिल सके।

मा० उपाध्यक्ष एवं सदस्य ने समाज कल्याण विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, ओडीओपी योजना, आश्रम पद्धति विद्यालयों में प्रवेश एवं उपलब्ध सुविधाओं, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की भी समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मा० उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित महिलाओं से संबंधित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र महिला तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न की रोकथाम तथा पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महिला जनसुनवाई कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इस दौरान उन्होंने जनपद में महिला अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की।

इसके उपरांत राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मा० श्रीमती चारू चौधरी एवं सदस्य मा० श्रीमती गीता विश्वकर्मा ने उरमौरा स्थित विंध्य कन्या पीजी कॉलेज का भ्रमण किया। महाविद्यालय पहुंचने पर कॉलेज प्रशासन एवं शिक्षिकाओं ने उनका स्वागत किया।
दोनों पदाधिकारियों ने छात्राओं से संवाद करते हुए उनकी शिक्षा, सुरक्षा, अधिकारों, आत्मनिर्भरता एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में निडर होकर संबंधित अधिकारियों एवं उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।

मा० उपाध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए शिक्षा के साथ जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षित, जागरूक एवं आत्मविश्वासी बेटियां ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की मजबूत नींव तैयार करती हैं।
इस अवसर पर महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला प्रोबेशन अधिकारी श्रीमती इन्द्रावती कुमारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विनीत सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। महाविद्यालय भ्रमण के दौरान प्राचार्या, शिक्षिकाएं, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
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