अनपरा/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। एनसीएल खड़िया परियोजना में ओबी कंपनी एस.ए. यादव के एक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन करने वाले कर्मचारियों को कंपनी प्रबंधन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कर्मचारियों ने कंपनी के अधिकारी अभिषेक मौर्या पर कथित गाली-गलौज एवं अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए आंदोलन किया था, जिसके चलते कंपनी का कार्य करीब पांच शिफ्ट तक प्रभावित रहने की बात कही गई। कंपनी प्रबंधन ने छह कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए कार्य बाधित होने से कंपनी को कथित रूप से करीब 1.40 करोड़ रुपये का नुकसान होने का उल्लेख किया है। नोटिस जारी होने के बाद कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है।
जारी नोटिस भूपेश कुमार (डोजर ऑपरेटर), प्रशांत सिंह, राकेश गुप्ता, चंद्रदेव पाल, घनश्यामदास और सावन विश्वकर्मा को दिए गए हैं। इनमें अधिकांश कर्मचारी चालक के पद पर कार्यरत बताए गए हैं। कंपनी की ओर से कर्मचारियों पर कथित गाली-गलौज, धमकी, अभद्र व्यवहार तथा कार्य प्रभावित करने के आरोप लगाए गए हैं।
कंपनी प्रबंधन का आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों ने अन्य लोगों को उकसाकर धरना-प्रदर्शन कराया, जिससे कार्यस्थल पर भय एवं तनाव का माहौल बना। प्रबंधन के अनुसार प्रथम पाली से कार्य प्रभावित हुआ और करीब पांच शिफ्ट तक काम बाधित रहा।
कारण बताओ नोटिस में कर्मचारियों से पूछा गया है कि उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय के भीतर स्पष्टीकरण नहीं देने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कंपनी के नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
इस संबंध में कंपनी के अधिकारी आनंद पटेल ने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला गया है। उन्होंने बताया कि पांच शिफ्ट तक कार्य प्रभावित होने के मामले में संबंधित कर्मचारियों से उनका पक्ष एवं स्पष्टीकरण मांगा गया है।

वहीं, एनसीपीएम यूनियन के प्रतिनिधि संजीव सिंह ने बताया कि परियोजना के महाप्रबंधक केडी जैन से वार्ता के बाद आश्वासन मिला था कि किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा तथा परियोजना का कार्य सुचारु रूप से चलता रहेगा। इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया था।
कर्मचारियों का कहना है कि वे कंपनी के संबंधित अधिकारी के कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन इसके बजाय आंदोलन में शामिल कर्मचारियों को ही कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए। इसे लेकर कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है।
फिलहाल मामला कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई कंपनी के नियमों एवं प्राप्त जवाब के आधार पर तय की जाएगी।
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