सोनभद्र/एबीएन न्यूज। आगामी 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व से पहले स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने स्नेह, सम्मान और आत्मनिर्भरता की खूबसूरत मिसाल पेश की। महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार राखी जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ की कलाई पर बांधकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। यह रक्षा-सूत्र महिलाओं के हुनर और स्वावलंबन की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक भी बना।
जिलाधिकारी ने महिलाओं द्वारा तैयार विभिन्न प्रकार की राखियों का अवलोकन किया और उनके साथ बैठकर राखी बनाने की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने कच्ची सामग्री, लागत, निर्माण, बिक्री और आमदनी के संबंध में जानकारी लेते हुए महिलाओं के उत्पादों को अधिक से अधिक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जनपद के 30 स्वयं सहायता समूहों की करीब 150 महिलाएं राखी निर्माण से जुड़ी हैं। महिलाओं ने अब तक लगभग 20 हजार आकर्षक राखियां तैयार की हैं, जिनकी बिक्री से लाखों रुपये की आमदनी होने की संभावना है।
जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने कहा कि समूह की बहनों द्वारा तैयार राखियां उनके हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास की पहचान हैं। स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराकर महिलाओं की आय बढ़ाना आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
महिलाओं को रोजगार के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की दिशा में भी पहल की जा रही है। डे-एनआरएलएम के एफएनएचडब्ल्यू कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य सखियां स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से पात्र परिवारों की जानकारी संकलित करेंगी।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना एवं पात्रता के अनुसार मुख्यमंत्री जन-आरोग्य अभियान के तहत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध है। समूहों से जुड़े पात्र परिवारों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
डीएम ने कहा कि महिलाओं को केवल रोजगार से जोड़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें आजीविका, बाजार और स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वागीश कुमार शुक्ला, डीसी मनरेगा रविंद्र वीर सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश मिश्रा, उपजिलाधिकारी घोरावल विशाल कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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