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साल 1951 में राज कपूर की फिल्म ‘आवारा’ रिलजी हुई थी. फिल्म को लोगों ने काफी पसंद किया था. फिल्म का टाइटल सॉन्ग ‘आवारा हूं’ तो बहुत ही बड़ा हिट साबित हुआ था. लेकिन इस गाने को भी पछाड़ कर एक गाना बड़ा हिट हुआ था. गाने को 72 घंटे में शूट किया गया था. उस गाने का सेट बनाने में ही 3 महीने लग गए थे. गाने में राज कपूर नरगिस नजर आई थीं. यह बॉलीवुड का दूसरा ऐसा गाना था जो किसी सपने पर फिल्माया गया था और इस गाने के लिए पहली बार किसी फिल्म में इतना भव्य सेट बना था.
गाने ने जीत लिया था लोगों का दिल
नई दिल्ली. राज कपूर ने अपने करियर में कई हिट फिल्म और गाने दिए हैं. साल 1951 में तो उन्होंने एक गाने के जरिए बड़ा एक्सपेरिमेंट किया था. इस साल उनकी फिल्म ‘आवारा’ रिलीज हुई थी. राज कपूर की ये फिल्म उस दौर की उन फिल्मों में शामिल है, जिसने अपने समय में कई नए प्रयोग किए थे. फिल्म की कहानी से लेकर इसके गाने और भव्य सेट तक, सब कुछ दर्शकों के लिए बिल्कुल अलग और नया अनुभव था.एक गाने के लिए पूरा सेट ही अलग से तैयार किया गया था.
उस दौर में जब बड़े पर्दे पर यह गाना लोगों ने देखा तो दर्शकों को ऐसा लगा जैसे वे किसी दूसरी ही दुनिया में पहुंच गए हों. सेट की भव्यता, रोशनी, कलाकारों की मौजूदगी और कैमरे का इस्तेमाल मिलकर गाने को ऐसा अनोखा अनुभव दिया गया कि उस दौर के दर्शकों के लिए यह अनुभव इतना खास था कि बड़े पर्दे पर यह सीक्वेंस किसी थ्रीडी फिल्म जैसा महसूस होता था.
1951 में बना था थ्री डी जैसा गाना
फिल्म का गाना ‘आवारा हूं’ तो दुनियाभर में मशहूर हुआ ही, लेकिन इसी फिल्म का एक और गाना ‘तेरे बिना आग ये चांदनी’, ये गाना अपनी भव्यता और फिल्मांकन की वजह से खास बना. यह गाना सपने की दुनिया को पर्दे पर दिखाता है और उस दौर के हिसाब से इसकी कल्पना काफी आगे की थी. यही वजह है कि इसे इस लिस्ट में ‘आवारा हूं’ से भी अलग पहचान मिलती है. आर के स्टूडियोज में बने इतने बड़े और भव्य सेट को बनाने में तीन महीने का समय लगा था और इस गाने को 72 घंटो में शूट किया गया था. ये गाना उस दौर में बिल्कुल थ्री डी फिल्म जैसा दिखता था.
नरगिस राज कपूर की जोड़ी ने रचा इतिहास
राज कपूर की फिल्म’आवारा’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि राज कपूर की रचनात्मक सोच का भी उदाहरण थी. उन्होंने कहानी और अभिनय के साथ-साथ फिल्म के विजुअल्स पर भी काफी ध्यान दिया. सपने वाले इस गाने में उनकी यही सोच साफ नजर आती है. उस समय जब भारतीय सिनेमा तकनीकी रूप से आज के मुकाबले काफी सीमित था, तब इतने बड़े पैमाने पर किसी गाने को तैयार करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी. ‘आवारा’ की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसका संगीत भी रहा. शंकर-जयकिशन के संगीत और शैलेंद्र तथा हसरत जयपुरी के गीतों ने फिल्म को खास पहचान दिलाई. राज कपूर और नरगिस की जोड़ी ने भी दर्शकों के दिल में अपनी अलग जगह बनाई.
बता दें कि आज जब फिल्मों में कंप्यूटर ग्राफिक्स और आधुनिक तकनीक की मदद से कुछ भी पर्दे पर दिखाना बेहद आसान हो गया है, ऐसे उस समय राज कपूर की फिल्म ‘आवारा’ के इस गाने के लिए उस दौर के हिसाब से सपनों की दुनिया बनाने के लिए कलाकारों और तकनीशियनों को असली सेट पर महीनों मेहनत करनी पड़ती थी. ऐसे में पर्दे पर किसी सपनों की दुनिया को दिखाने के लिए पूरा सेट तैयार करना अपने आप में बहुत बड़ी चुनौती थी.
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न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…
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