सोनभद्र/एबीएन न्यूज। ओबरा बांध के कैचमेंट क्षेत्र में हो रही लगातार वर्षा तथा रिहंद एवं ओबरा जल विद्युत गृह से पानी के प्रवाह के कारण बांध के अपस्ट्रीम में जलस्तर बढ़ने पर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। स्थिति पर सतत निगरानी रखते हुए संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।
ओबरा बांध का जलस्तर पूर्ण जलाशय स्तर 193.24 मीटर से बढ़कर 193.25 मीटर पहुंचने पर 26/27 अगस्त की रात करीब 2:35 बजे आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए गेट संख्या-8 को तीन फीट खोल दिया गया। बांध की तीनों जल विद्युत टरबाइनें भी संचालित हैं। टरबाइनों से करीब 14,404 क्यूसेक तथा गेट के माध्यम से लगभग 3,600 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। 27 अगस्त को सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 193.20 मीटर दर्ज किया गया।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने संबंधित अधिकारियों को ओबरा बांध एवं डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों के जलस्तर की लगातार निगरानी रखने और संभावित परिस्थितियों के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उप जिलाधिकारियों, तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क रहते हुए आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।
वहीं, रिहंद बांध का जलस्तर भी 27 अगस्त की सुबह 8 बजे 868.60 फीट दर्ज किया गया, जो इसकी पूर्ण क्षमता 870 फीट के करीब है। वर्तमान में रिहंद जल विद्युत गृह की टरबाइनों से लगभग 17,385 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में रिहंद बांध के गेट खोले जाने की संभावना को देखते हुए प्रशासन विशेष निगरानी बनाए हुए है।
जिलाधिकारी ने रेणु एवं सोन नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाने तथा प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित तहसील अथवा जिला प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सिंचाई, जल विद्युत, राजस्व, पुलिस एवं अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
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