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बॉलीवुड में दशकों से यह चर्चा रही है कि सेट पर 9 घंटे देर से पहुंचने पर अमरीश पुरी ने गोविंदा को थप्पड़ जड़ दिया था. अब अमरीश पुरी के बेटे राजीव पुरी ने इन अफवाहों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि उनके पिता का स्वभाव ऐसा कभी नहीं था और उन्होंने कभी किसी पर हाथ नहीं उठाया. इसके अलावा उन्होंने यह भी साफ किया कि 1989 की फिल्म ‘दो कैदी’ के बाद इस जोड़ी ने दोबारा कभी एक साथ काम क्यों नहीं किया.
अमरीश पुरी और गोविंदा ने ‘दो कैदी’ फिल्म में काम किया था.
नई दिल्ली. बॉलीवुड के गलियारों में अक्सर कई तरह के किस्से सुनने को मिलते हैं. किसी ने किसी को मारा तो किसने किसे डेट किया, इन तमाम तरह के किस्सों की आज भी चर्चा होती है. इस तरह दशकों से चर्चा रही कि सेट पर 9 घंटे लेट पहुंचने पर अमरीश पुरी ने गोविंदा को थप्पड़ मार दिया था. अब अमरीश पुरी के बेटे राजीव पुरी ने इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि ऐसा व्यवहार उनके पिता के स्वभाव के बिल्कुल खिलाफ था और उन्होंने कभी इस तरह आपा नहीं खोया. इसके अलावा राजीव ने यह भी स्पष्ट किया कि 1989 की फिल्म ‘दो कैदी’ के बाद दोनों ने दोबारा साथ काम क्यों नहीं किया.
विक्की लालवानी के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान जब राजीव से इस किस्से के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे मनगढ़ंत बताया. अफवाहों के मुताबिक, अमरीश पुरी सुबह 9 बजे के शूट के लिए सेट पर पहुंच गए थे, जबकि गोविंदा शाम 6 बजे आए. इस पर नाराज होकर अमरीश पुरी ने पूरी यूनिट के सामने गोविंदा को थप्पड़ जड़ दिया था. अमरीश पुरी और गोविंदा ने साल 1989 में आई फिल्म ‘दो कैदी’ में एक साथ काम किया था, जिसके बाद यह जोड़ी फिर कभी पर्दे पर नजर नहीं आई.
अमरीश पुरी के बेटे ने अफवाहों का बताया सच
इस किस्से पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव पुरी ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि ऐसा कुछ हुआ था. मेरे पिता कभी भी इस तरह आपा खोने वाले इंसान नहीं थे. उन्होंने कभी इस तरह का गुस्सा नहीं दिखाया.’ अपने पिता के स्वभाव के बारे में बात करते हुए राजीव ने आगे कहा, ‘वह सिर्फ तभी अपनी आवाज ऊंची करते थे जब कोई उन्हें दो-तीन बार लगातार परेशान करे. लेकिन जहां तक किसी को थप्पड़ मारने की बात है, तो मुझे नहीं लगता कि वह कभी ऐसा कर सकते थे. यह खबर पूरी तरह झूठी है.’
अमरीश पुरी नहीं उठा सकते थे ऐसा कदम
राजीव ने यह भी माना कि उन्होंने भी सालों से इस किस्से को सुना और पढ़ा है, लेकिन उन्होंने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया. उन्होंने कहा, ‘मैंने भी इस बारे में काफी कुछ सुना और पढ़ा है, लेकिन मेरे लिए इस बात का कोई वजूद नहीं है क्योंकि मैं अच्छी तरह जानता हूं कि डैडी ऐसा कदम कभी नहीं उठा सकते थे.’
गोविंदा के लेट आने के आदत से नाराज थे अमरीश पुरी?
राजीव पुरी ने थप्पड़ वाली बात को तो साफ खारिज कर दिया, लेकिन उन्होंने इस बात को माना कि गोविंदा के देर से आने की आदत का असर दोनों के पेशेवर रिश्तों पर जरूर पड़ा होगा. राजीव ने कहा, ‘शायद इसी वजह से गोविंदा ने आगे चलकर डैडी के साथ काम नहीं किया. उन्हें समझ आ गया होगा कि लेट आना डैडी को पसंद नहीं आएगा और शायद इसीलिए उन्होंने दोबारा साथ काम न करने का फैसला किया. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके पिता के मन में किसी तरह की कड़वाहट नहीं थी. राजीव ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि डैडी ऐसी बातों को लेकर दिल में कोई रंजिश या शिकायत रखते थे.’
साल 2005 में अमरीश पुरी का हुआ था निधन
बताते चलें कि अमरीश पुरी भारतीय सिनेमा के सबसे महान सितारों में शुमार रहे है. ‘मिस्टर इंडिया’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ और ‘विरासत’ जैसी अनगिनत यादगार फिल्मों में उनके अभिनय को आज भी सराहा जाता है. बड़े पर्दे पर कॉमेडी से लेकर खलनायकी तक में अमरीश पुरी माहिर थे. साल 2005 में 72 साल की आयु में उनका निधन हो गया था.
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कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …
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