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Vipul Amrutlal Shah Films : हिंदी सिनेमा में कुछ ऐसे फिल्ममेकर हैं जो फिल्मों-कहानियों में नए प्रयोग करने से पीछे नहीं हटते. प्रोड्यूसर-डायरेक्टर विपुल अमृतलाल शाह ऐसे ही कहानीकार हैं. उन्होंने पिछले दो दशकों में बोल्ड क्रिएटिव चॉइस से एक अलग पहचान बनाई है. वे अब अपने बड़े प्रोजेक्ट ‘समुक’ पर काम कर रहे हैं. आइए, ‘समुक’ की रिलीज से पहले उनकी बेहतरीन फिल्मों का लुत्फ उठाएं.
नई दिल्ली: विपुल अमृतलाल शाह अपने बैनर के जरिये हाई-कॉन्सेप्ट थीम को कमर्शियल सिनेमा में लाए हैं. अब शाह अपने अब तक के सबसे बड़े सिनेमैटिक प्रोजेक्ट: समुक के लिए तैयारी कर रहे हैं. कनिष्क वर्मा के डायरेक्शन में बन रहे प्रोजेक्ट में अक्षय कुमार लीड रोल में हैं. यह सर्वाइवल-एक्शन थ्रिलर को एलियन माइथोलॉजी के साथ मिलाती है, जो इंडियन सिनेमा के लिए एक अनजाना डोमेन है. साइंस-फिक्शन से पहले विपुल अमृतलाल शाह के अहम सिनेमैटिक माइलस्टोन पर एक नजर डालते हैं जो उनकी समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं.
आंखें : विपुल अमृतलाल शाह ने ‘आंखें’ से डायरेक्शन में डेब्यू किया था, जिसमें उन्होंने बॉलीवुड के ट्रेडिशनल नॉर्म को तोड़ते हुए रोमांटिक सबप्लॉट को पूरी तरह से छोड़ दिया था. फिल्ममेकर के गुजराती नाटक ‘अंधालो पाटो’ से अडैप्टेड तीन नेत्रहीन आदमियों के इर्द-गिर्द बनी यह थ्रिलर एक मास्टरक्लास थी. अक्षय कुमार, अमिताभ बच्चन और सुष्मिता सेन की दमदार परफॉर्मेंस की वजह से यह फिल्म क्रिटिक्स और बॉक्स-ऑफिस पर बड़ी सक्सेस बनकर उभरी.
वक्त: द रेस अगेंस्ट टाइम : विपुल अमृतलाल शाह की ‘वक्त’ एक फैमिली ड्रामा है जो पूरी तरह से टिक-टिक करती घड़ी पर आधारित है. आम मेलोड्रामा पर निर्भर रहने के बजाय फिल्म ने एक मरते हुए पिता (अमिताभ बच्चन) के मुश्किल हालात को दिखाया. फिल्म में पिता अपने लापरवाह बेटे (अक्षय कुमार) को समय खत्म होने से पहले समझदार बनाने के लिए सख्त प्यार के तरीके आजमाता है.
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नमस्ते लंदन: साल 2007 में आई ‘नमस्ते लंदन’ को विपुल अमृतलाल शाह ने प्रोड्यूस और डायरेक्ट किया था. इसने मॉडर्न होते भारत के लिए एनआईआर जॉनर को पूरी तरह से नया रूप दिया. डायरेक्टर ने पंजाब के दिलों में एक पूरी तरह से वेस्टर्न ब्रिटिश-इंडियन महिला (कैटरीना कैफ) को लाकर स्क्रिप्ट को पलट दिया, जो कल्चरल टकराव को गर्मजोशी, ह्यूमर और आपसी सम्मान के साथ बयां करती है.
सिंह इज किंग: साल 2008 में आई ‘सिंह इज किंग’ ने ग्लोबल ऑडियंस के लिए कमर्शियल कॉमेडी को बढ़ाया. यह फिल्म बड़ी चालाकी से आम गैंगस्टर वाली कहानियों को एक जोशीली, हाई-एनर्जी वाली फैमिली ब्लॉकबस्टर में बदल देती है. यह फिल्म एक बहुत बड़ी कल्चरल घटना बन गई, जिसने पहले हफ्ते के बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड तोड़ दिए और पॉप कल्चर और फैशन पर एक गहरी छाप छोड़ी.
एक्शन रिप्ले: विपुल अमृतलाल शाह ने ‘एक्शन रिप्ले’ को डायरेक्ट करके एक क्रिएटिव छलांग लगाई. यह टाइम ट्रैवल पर बनी एक रेट्रो साई-फाई रोमांटिक कॉमेडी है. यह एक ऐसा कॉन्सेप्ट है जिसे मेनस्ट्रीम हिंदी सिनेमा ने शायद ही कभी दिखाया हो. कहानी एक बेटे (आदित्य रॉय कपूर) के बारे में है जो अपने माता-पिता (अक्षय कुमार और ऐश्वर्या राय बच्चन) के रोमांस को फिर से जगाने के लिए 1970 के दशक में वापस जाता है.
हॉलिडे: ए सोल्जर इज नेवर ऑफ ड्यूटी: साल 2014 में आई फिल्म में इंटेलिजेंस से चलने वाली स्ट्रैटेजी और नेशनल सिक्योरिटी की कहानी है. ट्रेडिशनल, स्टाइलिश एक्शन से हटकर फिल्म ने इंडियन ऑडियंस को स्लीपर सेल्स के कॉन्सेप्ट से इंट्रोड्यूस कराया. अक्षय कुमार ने एक डेडिकेटेड टैक्टिकल ऑफिसर का रोल किया, यह फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर एक बड़ी हिट रही.
समुक: प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह मिलिट्री सर्वाइवल एक्शन को एलियन क्रीचर माइथोलॉजी के साथ मिलाकर अपना अब तक का सबसे एम्बिशियस प्रोजेक्ट बना रहे हैं. हालांकि इंडियन सिनेमा में साइंस-फिक्शन क्रीचर थ्रिलर बहुत कम बनती हैं, लेकिन इस कहानी को एक हाई-स्टेक मिलिट्री सेटिंग में दिखाने की योजना है. विपुल अमृतलाल शाह ने ऑस्कर-नॉमिनेटेड क्रीचर डिजाइनर एलेक गिलिस को एक प्रैक्टिकल, हाथ से बना एलियन क्रीचर बनाने के लिए लिया है.
















