सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में उद्योग बंधु एवं व्यापारी बंधु की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उद्यमियों एवं व्यापारियों से संबंधित विभिन्न समस्याओं, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा बैंक स्तर पर लंबित पत्रावलियों के निस्तारण की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं बैंकर्स को निर्देशित किया कि उद्यमियों एवं व्यापारियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत बैंकों में लंबित पत्रावलियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बैंकर्स एवं एलडीएम को कड़े निर्देश दिए कि लाभार्थियों की पत्रावलियों पर अनावश्यक आपत्तियां लगाकर उन्हें निरस्त न किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी पत्रावली में कमी होने पर लाभार्थी को इसकी जानकारी देकर आवश्यक सुधार कराया जाए, लेकिन बिना उचित कारण के पत्रावलियां निरस्त किए जाने की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने इस मामले में कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता वाली योजना है। इसके क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बैंकर्स एवं एलडीएम को चेतावनी दी कि बिना उचित कारण लाभार्थियों की पत्रावलियां निरस्त किए जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित बैंकर्स के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी और प्रकरण में उच्च स्तर पर भी पत्राचार किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित बैंकर्स को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से संबंधित बैनर एवं पोस्टर सभी बैंक शाखाओं में प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएं, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को योजना की जानकारी मिल सके और पात्र लाभार्थी इसका लाभ उठा सकें।
बैठक में जीएसटी विभाग के अधिकारी ने व्यापारियों के लिए उपलब्ध बीमा सुविधा की जानकारी देते हुए बताया कि जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों को 10 लाख रुपये तक के बीमा का प्रावधान है। पंजीकृत व्यापारी की दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में नियमानुसार बीमा कंपनी द्वारा 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। जिलाधिकारी ने इस सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना से लाभान्वित होने वाले पात्र लाभार्थियों को चेक वितरण का कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराने को कहा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंच सके।
इस दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र किसानों को योजना का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कंपनियों एवं उद्योगों से संबंधित लंबित पत्रावलियों की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में उनका निस्तारण कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र उद्यमियों एवं व्यापारियों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित किया जाए।
बैठक में उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार चौधरी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, पर्यटन अधिकारी राजेश भारती, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, बैंकर्स तथा उद्योग बंधु एवं व्यापारी बंधु के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
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