सोनभद्र/ एबीएन न्यूज। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ अब उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। जनपद सोनभद्र में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आयुष्मान योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत करीब 3 लाख 55 हजार महिलाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सरकार की मंशा है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी कोई भी पात्र महिला गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक संकट का सामना न करे। आयुष्मान योजना के तहत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती है। महिलाओं को योजना से जोड़ने के बाद इलाज के खर्च की चिंता से उन्हें काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
एनआरएलएम के उपायुक्त रविंद्र वीर सिंह ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने के लिए समूह स्तर पर पात्र महिलाओं की जानकारी जुटाने के साथ उन्हें योजना से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। जनपद में वर्तमान में करीब 16 हजार 500 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 1 लाख 96 हजार महिलाएं जुड़ी हुई हैं। शासन की ओर से 3 लाख 55 हजार महिलाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके तहत शेष 1 लाख 59 हजार महिलाओं को नए समूहों का गठन करने के साथ विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक नेटवर्क है। ऐसे में उन्हें आयुष्मान योजना से जोड़ने से बड़ी संख्या में परिवारों तक स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ पहुंचाया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित विभागों और स्वयं सहायता समूहों के स्तर पर समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है।
सोनभद्र जैसे भौगोलिक रूप से विस्तृत जनपद में 3.55 लाख महिलाओं को आयुष्मान योजना से जोड़ने का लक्ष्य पूरा होने पर बड़ी आबादी को कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सकेगी। यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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