गोरखपुर/ एबीएन न्यूज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, डुमरियागंज सांसद श्री जगदंबिका पाल, बहराइच सांसद डॉ. आनंद कुमार गोंड एवं अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी में नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल सेक्शन के गेज कन्वर्जन और विद्युतीकरण का उद्घाटन किया। करीब 730 करोड़ रुपये की लागत से 56.15 किलोमीटर लंबे रेलखंड को मीटर गेज से ब्रॉड गेज में परिवर्तित करने के साथ विद्युतीकरण किया गया है। इस अवसर पर चार मौजूदा ट्रेन सेवाओं का विस्तार भी नेपालगंज रोड तक किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नेपाल के प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत और नेपाल के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं। उन्होंने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों से भारत लाए जा रहे यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए रेलवे द्वारा स्पेशल कोच सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। रेलवे बोर्ड, रेलवे जोन, जिला एवं राज्य प्रशासन तथा विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर प्रभावित यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में जुटा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर शोक व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि यह त्रासदी मित्र देश नेपाल के साथ-साथ भारत सहित कई देशों के लोगों को प्रभावित कर रही है।
नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच मीटर गेज रेल सेक्शन का निर्माण मूल रूप से वर्ष 1886 में किया गया था। गेज परिवर्तन और विद्युतीकरण के बाद यह रेलखंड अब ब्रॉड गेज नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। इससे बहराइच, रिसिया, मटेरा, नानपारा, बाबागंज और नेपालगंज रोड स्टेशनों की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

रेल मंत्रालय ने 14213/14214 वाराणसी-बहराइच एक्सप्रेस, 15132/15131 वाराणसी सिटी-गोरखपुर एक्सप्रेस तथा 75109/75110 और 75111/75112 गोंडा-बहराइच ट्रेन सेवाओं की दो जोड़ी को नेपालगंज रोड तक विस्तारित करने की मंजूरी दी है। इससे नेपालगंज रोड एवं आसपास के यात्रियों को गोंडा, गोरखपुर, वाराणसी सहित प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रेलखंड का उद्घाटन और ट्रेन सेवाओं का विस्तार क्षेत्र के लोगों के दशकों पुराने सपने के पूरा होने जैसा है। बेहतर रेल संपर्क से बहराइच, रुपईडीहा और नेपालगंज के बीच संबंध और मजबूत होंगे तथा सीमा के दोनों ओर आवागमन सुगम होगा।
ब्रॉड गेज रेल कनेक्टिविटी से आकांक्षी जनपद बहराइच के सीमावर्ती क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है। इससे यात्रियों और माल की आवाजाही आसान होने के साथ व्यापार, रोजगार, पर्यटन तथा सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में भी सुविधा होगी।
रेलखंड के विद्युतीकरण से इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनों का संचालन संभव होगा। इससे डीजल पर निर्भरता कम करने और कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी। यह ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण अनुकूल रेल संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि उत्तर प्रदेश, विशेषकर पूर्वांचल में रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए व्यापक योजना पर कार्य चल रहा है। जहां पहले से दोहरी रेल लाइन है, वहां तीसरी और चौथी लाइन जोड़कर प्रमुख रेल नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली-गाजियाबाद-मुरादाबाद-सीतापुर-बुढ़वल-गोंडा-गोरखपुर नेटवर्क को भी इस योजना का हिस्सा बताया।
उन्होंने हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे यात्रा का समय काफी कम होगा। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार दिल्ली से आगरा की यात्रा करीब 58 मिनट, दिल्ली से कानपुर 1 घंटा 45 मिनट, दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे 12 मिनट, दिल्ली से प्रयागराज करीब तीन घंटे और दिल्ली से वाराणसी की यात्रा लगभग साढ़े तीन घंटे में पूरी हो सकेगी।
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