सोनभद्र/ एबीएन न्यूज। जनपद में आस्था के केंद्रों के संरक्षण-संवर्धन के साथ शिक्षा और ग्रामीण जनसुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। करीब 5 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अति प्राचीन अमिला माता मंदिर का कायाकल्प, चार गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट की स्थापना तथा तीन सरकारी विद्यालयों का सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। सभी कार्य ग्रीनको एनर्जी के सीएसआर मद से प्रस्तावित हैं।
जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने बताया कि क्षेत्र की आस्था से जुड़े अति प्राचीन अमिला माता मंदिर को उसकी धार्मिक महत्ता के अनुरूप सुविधायुक्त स्वरूप दिया जाएगा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए गेस्ट रूम, सुगम आवागमन के लिए इंटरलॉकिंग तथा धूप एवं वर्षा से बचाव के लिए टीन शेड का निर्माण कराया जाएगा। मंदिर की गरिमा एवं मूल स्वरूप को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना इसका प्रमुख उद्देश्य है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रिकालीन आवागमन को सुगम बनाने के लिए बैजनाथ, पिंडारी, चकरिया एवं गड़वा में सोलर स्ट्रीट लाइटें स्थापित की जाएंगी। गांवों की गलियों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था विकसित होने से ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी तथा पारंपरिक विद्युत पर निर्भरता भी कम होगी।

इसी पहल के तहत बैजनाथ, पिंडारी एवं चकरिया के सरकारी विद्यालयों का भी कायाकल्प कराया जाएगा। विद्यालयों की बाउंड्रीवॉल का दुरुस्तीकरण करने के साथ कक्षाओं एवं परिसर को सुसज्जित किया जाएगा। बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करने हेतु पृथक कक्ष तथा स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित शौचालय सहित आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य ऐसी स्थायी सुविधाएं तैयार करना है, जिनसे आमजन के जीवन में प्रत्यक्ष बदलाव दिखाई दे। आस्था के केंद्रों पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं, बच्चों को अच्छा शैक्षणिक वातावरण और गांवों में मजबूत मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से इन कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। ग्रीनको एनर्जी के सीएसआर सहयोग से प्रस्तावित इन कार्यों के पूर्ण होने पर क्षेत्र में आस्था, शिक्षा और ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।
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