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Mohammed Rafi BR Chopra Rivalry : फिल्म ‘नया दौर’ के लिए मोहम्मद रफी ने यादगार गाने गाए, जिससे प्रभावित होकर दिग्गज फिल्मकार ने उनके आगे अनूठी शर्त रख दी. मगर मस्तमौला मोहम्मद रफी ने उसे ठुकरा दिया. दोनों के बीच मनमुटाव बढ़ने लगा. जब मोहम्मद रफी ने महेंद्र कपूर के साथ डुएट गाने से इनकार किया, तो फिल्ममेकर ने उनका बायकॉट कर दिया. हालांकि, उन्हें 1965 की फिल्म ‘वक्त’ के नायाब गाने के खातिर अपनी जिद्द छोड़नी पड़ी. वह कौन सी शर्त थी और क्यों मोहम्मद रफी ने महेंद्र कपूर के साथ गाने से इनकार कर दिया था? आइए, आपको बताते हैं.
फिल्ममेकर शुरुआत में मोहम्मद रफी के फैन थे. (फोटो साभार: YouTube/Videograb)
नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के एक दिग्गज फिल्मकार ने मोहम्मद रफी का बायकॉट कर दिया था, मगर वे ऐसा करके फंस गए थे. दरअसल, वे जब अपनी फिल्म ‘वक्त’ का टाइटल सॉन्ग बना रहे थे, तब कोई सिंगर गाने के साथ न्याय नहीं कर पा रहा था. उन्हें मजबूरन मोहम्मद रफी के साथ अपने मनमुटाव को खत्म करना पड़ा. दोनों दिग्गजों के बीच मजबूत रिश्ते की शुरुआत साल 1957 में आई ‘नया दौर’ से हुई. इसका संगीत सुपरहिट रहा था. बीआर चोपड़ा, मोहम्मद रफी की गायकी के मुरीद बन गए, मगर वे चाहते थे कि दिग्गज गायक सिर्फ उनके बैनर और फिल्मों के लिए ही गाएं.
मोहम्मद रफी ने बीआर चोपड़ा की डिमांड को नकार दिया. वे समझौते के लिए तैयार नहीं हुए और बोले कि आप जब भी बुलाएंगे, तो आ जाऊंगा. मगर मुझे औरों के लिए भी गाना है. दिग्गज गायक की बातें बीआर चोपड़ा के जेहन में घर कर गईं. ‘नया दौर’ के बाद बीआर चोपड़ा की ‘साधना’ आई. इसमें भी मोहम्मद रफी ने आवाज दी. बीआर चोपड़ा की आइकॉनिक फिल्म ‘धूल का फूल’ आई. इसका आइकॉनिक गाना ‘तू हिंदू बनेगा न मुसलमान बनेगा’ भी मोहम्मद रफी ने गाया.
मोहम्मद रफी ने जब डुएट गाने से किया इनकार
महेंद्र कपूर ने दोनों दिग्गजों के तकरार का किस्सा किसी इंटरव्यू में बताया था. दरअसल, बीआर चोपड़ा ने फिर मोहम्मद रफी से कहा कि उन्हें महेंद्र कपूर के साथ एक डुएट सॉन्ग गाना है. मगर महेंद्र कपूर, मोहम्मद रफी के साथ कोई युगल गीत नहीं गाना चाहते थे. जब बीआर चोपड़ा ने गाने के रिहर्सल पर उन्हें बुलाया था, तब मोहम्मद रफी ने भी इनकार कर दिया था.
महेंद्र कपूर के साथ गुरु-शिष्य का रिश्ता
मोहम्मद रफी ने भी कभी महेंद्र कपूर से कहा था कि हम साथ में कभी युगल गीत नहीं गाएंगे. दोनों गायकों के बीच रिश्ता गुरु और शिष्य का था. वे नहीं चाहते थे कि लोग उनकी आपस में तुलना करें, जिससे उनके रिश्ते में किसी तरह की खटास आए. हालांकि, दोनों सितारों ने 1968 में फिल्म ‘आदमी’ में युगल गीत गाया था. वह गाना है- ‘कैसी हसीन आज बहारों की रात है.’ उन्होंने इस गाने को छोड़कर साथ में कोई गाना नहीं गाया था.
मोहम्मद रफी की बीआर चोपड़ा के लिए बदली सोच
बीआर चोपड़ा को बुरा लगा कि मोहम्मद रफी ने पहले एग्रीमेंट के लिए मना किया, फिर महेंद्र कपूर के साथ डुएट गाने से इनकार किया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फिल्ममेकर ने तब फैसला किया कि वे अपनी फिल्मों में मोहम्मद रफी से नहीं गवाएंगे. उन्होंने फिर महेंद्र कपूर से अपने बैनर के गाने गवाए. हालांकि, 1965 की फिल्म ‘वक्त’ के गीतों पर काम चल रहा था, तब एक गीत के लिए बाद फंस गई. वह गीत था- ‘वक्त से कल और आज.’ उन्हें दमदार आवाज चाहिए थी. इसकी रिहर्सल महेंद्र कपूर से करवाई गई. संगीतकार रवि समझ गए कि महेंद्र कपूर गाने के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे. उन्होंने बीआर चोपड़ा को समझाया कि मोहम्मद रफी से यह गीत गवाया जाए. आखिरकार, फिल्ममेकर को झुकना पड़ा. उन्होंने माना कि गीत उन्हें मोहम्मद रफी से गवाना पड़ेगा, पर वे दुविधा में थे कि वे गाने को तैयार होंगे या नहीं? संगीतकार रवि ने समझाया कि मोहम्मद रफी ऐसे शख्स नहीं हैं. आखिर, उनसे टाइटल सॉन्ग के लिए संपर्क किया गया. आगे बीआर चोपड़ा के बैनर के लिए मोहम्मद रफी ने और भी गाने गाए.
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अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…
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