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Film On Lord Krishna : हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं, उसकी कहानी भगवान श्रीकृष्ण पर आस्था और उनकी प्राचीन पायल के इर्द-गिर्द बुनी गई है. फिल्म में दिखाया गया है कि श्रीकृष्ण की पायल के रहस्यों को जानने के लिए डॉ. कार्तिकेय रोमांचक सफर पर निकलता है. 15 करोड़ में बनी फिल्म अपनी दमदार कहानी के दम पर 120 करोड़ रुपये कमाने सफल रही. फिल्म को क्रिटिक्स ने भी सराहा. इसे 2022 में तेलुगू सिनेमा की बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड भी मिला.
फिल्म ने नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता था.
नई दिल्ली: साल 2022 में एक फिल्म आई थी, जिसकी कहानी कार्तिकेय नाम के एक शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है जो भगवान कृष्ण की एक प्राचीन मूर्ति के रहस्यों से पर्दा उठाने रोमांचक सफर पर निकलता है. फिल्म की कहानी आपको रहस्य, पहेलियों की ऐसी राह पर ले जाती है, जहां आस्था, भक्ति और साहस की गहरी संवेदनाएं बयां होती हैं. फिल्म की कहानी दर्शकों को इतनी पसंद आई कि यह 2022 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगू फिल्मों में से एक बन गई थी. इसका हिंदी वर्जन भी बड़ा पॉपुलर हुआ.
फिल्म 1981 की अमेरिकी फिल्म ‘इंडियाना जोन्स: रेडर्स ऑफ द लॉस्ट आर्क’ से प्रेरित लगती है. हम फिल्म ‘कार्तिकेय 2’ की बात कर रहे हैं जो 2014 की फिल्म ‘कार्तिकेय’ की सीक्वल है. इसकी कहानी चंदू मोंडेती चंदू मोंडेतीने लिखी और डायरेक्ट की थी.फिल्म में निखिल सिद्धार्थ और अनुपमा परमेश्वरन अहम भूमिकाओं में हैं. फिल्म के दिलचस्प स्क्रीनप्ले, विजुअल इफेक्ट्स और दमदार अभिनय की काफी तारीफ हुई. निखिल सिद्धार्थ और अनुपमा परमेश्वरन को उनके किरदारों के लिए क्रिटिक्स से सराहा. नतीजतन, फिल्म 15 करोड़ रुपये में बनी थी, जिसने बॉक्स ऑफिस से 120 करोड़ रुपये कमाए थे.
फिल्म ने जीता था नेशनल अवॉर्ड
फिल्म भारत के अलावा यूरोप के स्पेन, पुर्तगाल और ग्रीस में शूट हुई थी. 15 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘कार्तिकेय 2’ को 13 अगस्त 2022 को रिलीज किया गया. इसने 70वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में तेलुगू भाषा की बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड जीता. साथ ही, इसे दूसरी बेस्ट फीचर फिल्म के लिए स्टेट लेवल पर ‘गद्दार पुरस्कार’ भी मिला. फिल्म में दिखाया गया है कि आर्कियोलॉजिस्ट और प्रोफेसर रंगनाथ राव जब ग्रीस की एक लाइब्रेरी जाते हैं, तो उन्हें एक किताब से उन्हें पता चलता है कि द्वापर युग के अंत से पहले श्री कृष्ण ने अपने दोस्त उद्धव को अपनी पायल सौंपी थी. इस पायल में उन जानलेवा समस्याओं का समाधान था जिनका सामना इंसानों को कलयुग में करना था.
कहानी है काफी दिलचस्प
दूसरी ओर, कार्तिकेय नाम का एक डॉक्टर एक मेयर को थप्पड़ मारने की वजह से सस्पेंड हो जाता है. दरअसल, मेयर ने अपने बेटे के लिए आईसीयू में यज्ञ करने की कोशिश की थी. उसी समय, कार्तिक के पिता का पैर टूट जाता है और एक बैल उनके घर के सामने लगे तुलसी के पौधे को टक्कर मार देता है. इन सभी अशुभ घटनाओं को देखते हुए, कार्तिक की मां को लगता है कि उनके परिवार को श्री कृष्ण से की गई एक मन्नत पूरी न कर पाने की सजा मिल रही है. इसलिए, कार्तिक उन्हें द्वारका ले जाता है, जहां उसके चाचा सदानंद रहते हैं, जो श्री कृष्ण के बहुत बड़े भक्त हैं. एक रात, कार्तिक की मुलाक़ात बुरी तरह घायल रंगनाथ राव से होती है, जो उसे कुछ बताने की कोशिश करते हैं. जब कार्तिक उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए ऑटो-रिक्शा लेने जाता है और वापस लौटता है, तो उसे रंगनाथ राव नहीं मिलते. अगले दिन, कार्तिक की मां गायब हो जाती है और वह अपने चाचा के साथ उन्हें ढूंढता है. पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेती है. तब रंगनाथ राव की पोती कार्तिक को पुलिस की हिरासत से बचाती है. एक रहस्यमयी आदमी कार्तिक पर हमला करता है, लेकिन श्री कृष्ण की मूर्ति देखकर रुक जाता है. फिल्म की कहानी बड़ी दिलचस्प है.
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अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…
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