सोनभद्र/ एबीएन न्यूज। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने जनपद के सभी चिकित्सा अधीक्षकों (एमओआईसी) को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपदवासियों को गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ होना अनिवार्य है।
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आईसीडीएस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि एनआरसी सेंटर में सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों को भर्ती कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि अति दुर्बल बच्चों को समय पर उपचार एवं पोषण उपलब्ध कराकर स्वस्थ किया जा सके। सीडीओ ने ऐसी आशाओं को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, जिनके माध्यम से अस्पतालों में अब तक एक भी प्रसव नहीं कराया गया है।
बैठक में आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की प्रगति की समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी की प्रगति धीमी पाई गई। इस पर सीडीओ ने संबंधित सीएचओ और डीपीएम के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर अगले माह संबंधित एमवाईसी के विरुद्ध एडवर्स एंट्री की कार्रवाई की जाएगी।

सीडीओ ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कार्य के लिए नियुक्त कर्मी की ओर से लापरवाही पाए जाने पर चयनित एजेंसी को सूचित कर संबंधित कर्मी को तत्काल हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
डीपीओ आईसीडीएस को निर्देशित किया गया कि आरबीएसके की टीमें नियमित रूप से आशा एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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