अनपरा/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। थाना ओबरा पुलिस एवं एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेजों के प्रयोग और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में दर्ज मुकदमे में वांछित अभियुक्त को मुंबई से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया, जहां से रिमांड स्वीकृत होने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार एसपी सोनभद्र के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी ओबरा प्रभात राय के पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना ओबरा पर पंजीकृत मु0अ0सं0-153/2025 में वांछित अभियुक्त इश्तियाक खान पुत्र सुल्तान खान, निवासी GF-5 सिग्नेचर स्क्वायर बिल्डिंग, शिव नगर कॉलोनी, डिग्री कॉलेज के पीछे, थाना ओबरा, जनपद सोनभद्र, उम्र करीब 50 वर्ष को 9 सितंबर 2026 को करीब 15:15 बजे मुंबई के थाना चूनाभट्टी क्षेत्र स्थित प्रियदर्शनी बस स्टॉप के पास से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक मामले में वादी सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी रिंकी श्रीवास्तव के नाम ग्राम बिल्ली मारकुंडी स्थित गिट्टी/बोल्डर (डोलोस्टोन) का 10 वर्षीय खनन पट्टा 7 अक्टूबर 2023 से 6 अक्टूबर 2033 तक स्वीकृत एवं पंजीकृत है। खनन पट्टे से संबंधित विभागीय और अभिलेखीय कार्यवाही की जिम्मेदारी अभियुक्त इश्तियाक खान को दी गई थी।
अभियोग के अनुसार अभियुक्त द्वारा पट्टाधारक के नाम से की जाने वाली विभिन्न औपचारिकताओं को कथित रूप से मेसर्स राधिका इंडस्ट्रीज के नाम से संचालित कराया गया। सरकारी विभागों और बैंकों में कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर, कूटरचित शपथ पत्र, प्रार्थना पत्र, आवेदन तथा अन्य दस्तावेजों का प्रयोग किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अलावा खनन पट्टे से संबंधित हिसाब-किताब में हेराफेरी और गबन के आरोप लगाए गए। वादी के अनुसार मामले की जानकारी होने पर जब अभियुक्त से वार्ता का प्रयास किया गया तो कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए धमकी दी गई।
मुकदमा दर्ज होने के बाद से पुलिस वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए लगातार पतारसी-सुरागरसी और संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को सूचना मिली कि अभियुक्त मुंबई के चूनाभट्टी थाना क्षेत्र में प्रियदर्शनी बस स्टॉप के पास मौजूद है और कहीं जाने की फिराक में है। सूचना के आधार पर संयुक्त पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और पहचान की पुष्टि के बाद अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त को न्यायालय सोनभद्र के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से रिमांड स्वीकृत करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक नागेश कुमार सिंह, प्रभारी सर्विलांस/एसओजी, उपनिरीक्षक अमित कुमार सिंह और कांस्टेबल सत्यम पाण्डेय शामिल रहे।
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