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Actor Jeetendra Aasha Movie Unknown Facts : वैष्णो देवी के दरबार में देश के कोने-कोने से भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं. माता के दरबार में हाजिरी लगाते हैं. बॉलीवुड का एक सुपरस्टार माता वैष्णो देवी के दरबार में पहुंचा. गाने की शूटिंग मुख्य रूप से कटरा और आसपास के पहाड़ी इलाकों में हुई. हीरो ने माता रानी के दर्शन किए और मां के कहने पर दिल पर पत्थर रखकर मन्नत मांगी. ऐसी मन्नत मांगी जो कोई बेटा अपनी मां के लिए नहीं मांग सकता. माता रानी का चमत्कार देखिए कि मुराद तत्काल पूरी हुई लेकिन हीरो का दिल टूट गया. वो रोते-रोते घर लौटा. भजन और फिल्म तो सुपरहिट हुई लेकिन हीरो का दिल हमेशा के लिए छलनी हो गया. आइये जानते हैं कि असल में क्या हुआ था?
बात 1980 की है. जीतेंद्र-रीना रॉय की फिल्म ‘आशा’ फिल्म 21 मार्च 1980 को रिलीज हुई थी. इस फिल्म का डायरेक्शन जे. ओम प्रकाश ने किया था. जे. ओम प्रकाश राकेश रोशन के ससुर थे. बॉलीवुड के जाने-माने निर्देशक-निर्माता थे. इस फिल्म का एक भजन ‘तुने मुझे बुलाया शेरावालिये’ आपने जरूर सुना होगा. माता की इस भेंट को मोहम्मद रफी-नरेंद्र चंचल ने अपनी आवाज दी थी. इस भजन की धुन और बोल मन को मंत्रमुग्ध कर देते हैं. यह गाना नवरात्रि में हर पूजा-पंडाल में सुनने को मिलता है. गाना जीतेंद्र और एक्ट्रेस रामेश्वरी पर फिल्माया था. इस गाने के पीछे की दर्द की कहानी आज हम आपको बताएंगे.

‘तूने मुझे बुलाया शेरावालिये’ भजन मन को मोहित कर देता है. जीतेंद्र और रामेश्वरी के एक्सप्रेशन देखते ही बनते हैं. इस गाने के पीछे जीतेंद्र अपना दर्द छुपाए हुए थे. एक इंटरव्यू में उन्होंने इसके पीछे की कहानी भी बताई थी. जीतेंद्र ने अपने इंटरव्यू में बताया था, ‘माता रानी हमेशा मेरी इच्छा पूरी करती थीं. जब भजन की शूटिंग के लिए मैं वैष्णो देवी जाने लगा तो अपनी मां को बताया. उन्होंने कहा कि एक दुआ मेरे लिए भी मांगना. मेरे पिता की मौत के वो बहुत अकेली थीं. मैंने कहा कि बोलिये ना क्या मांगना है माता रानी से. वो बोलीं कि मैं इस दुनिया से जाना चाहती हूं. मैंने मां से कहा कि आप अगर इस तरह से बात करेंगी तो मैं नहीं जाऊंगा. वो बोलीं कि तू जा. मैं गया और दर्शन करके जैसे ही बाहर निकला, मुझे खबर मिली कि मेरी मां नहीं रहीं. भजन में मैं जो बात-बात पर ‘जय माता दी’ करता हूं. एक बार अपनी मां को याद कर रहा था तो एक बार माता रानी को याद कर रहा था.’

आशा फिल्म की स्टोरी राम केलकर ने लिखी थी. रमेश पंत ने डायलॉग लिखे थे. गीतकार आनंद बख्शी थे. फिल्म में जीतेंद्र, रीना रॉय और रामेश्वरी की तिकड़ी नजर आई थी. रीना रॉय अपनी अदाकारी से सब पर भारी पड़ी थीं. संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने दिया था. जीतेंद्र और रीना रॉय की जोड़ी ने तहलका मचा दिया था. यह फिल्म उस साल की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मूवी थी. फिल्म के गानों सुपरहिट थे. ‘तूने मुझे बुलाया शेरावालिये’ और ‘शीशा हो या दिल हो, आखिर टूट जाता है’ आज भी पॉप्युलर हैं.
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आशा फिल्म के देवी भजन ‘तूने मुझे बुलाया शेरावालिये’ से जुड़ी सबसे रोचक बात यह है कि माता की यही भेंट 1988 में आई फिल्म ‘दो वक्त की रोटी’ में यही माता की भेंट सुनाई दी थी. 1978 के आसपास संजीव कुमार के भाई नकुल ने ‘दो वक्त की रोटी’ फिल्म को शुरू किया था. मूवी कंप्लीट होने से पहले ही उनका निधन हो गया था. दोनों फिल्में के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर अलग थे. संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल थे और गीतकार आनंद बख्शी थे.

‘दो वक्त की रोटी’ में फिरोज खान, संजीव कुमार, रीना रॉय, अमजद खान और सुलक्षणा पंडित नजर आए थे. फिल्म को सतपाल ने डायरेक्ट किया था. बाद में एमपी अग्रवाल फिल्म के प्रोड्यूसर बने और उन्होंने जैसे-तैसे फिल्म कंप्लीट की. फिल्म डिले होती गई और 1988 में सिनेमाघरों में आई.

दरअसल, ‘दो वक्त की रोटी’ फिल्म के प्रोड्यूसर ने ‘तूने मुझे बुलाया शेरावालिये’ भजन को रिकॉर्ड करवाया था. फिल्म अटक गई तो यह गीत ‘आशा’ फिल्म के प्रोड्यूसर जे. ओम प्रकाश ने खरीद लिया. यह भजन आशा फिल्म की पहचान बन गया. बाद में ‘दो वक्त की रोटी’ फिल्म जब कंप्लीट हुई ‘तूने मुझे बुलाया’ भजन को उस मूवी में भी रख लिया गया. दोनों भजन का फिल्मांकन अलग था. दिलचस्प बात यह है कि आशा जहां ब्लॉकबस्टर रही, वहीं दो वक्त की रोटी डिजास्टर साबित हुई. यह भी दिलचस्प है कि दोनों ही फिल्मों में रीना रॉय नजर आई थीं.

इस फिल्म की सफलता ने जीतेंद्र के करियर को नई ऊंचाई थी. वैसे आशा फिल्म के लिए प्रोड्यूसर की पहली पसंद धर्मेंद्र थे. धर्मेंद्र के साथ जे. ओम प्रकाश ने ‘आई मिलन की बेला’, ‘आए दिन बहार के’, और ‘आया सावन झूम के’ जैसी फिल्म बनाई हैं. जीतेंद्र के साथ इस फिल्म में जरीना वहाब और रंजीता कौर के साथ जीतेंद्र ने काम करने से इनकार कर दिया था. ऐसे में जे. ओम प्रकाश ‘दुल्हन वही जो पिया मन भाए’ फेम रामेश्वरी को मौका मिला.

आशा फिल्म एक्ट्रेस रामेश्वरी के लिए एक और जहां सफलता के लिए, वहीं उन्हें जिंदगीभर का दर्द देकर गई. दरअसल, इस मूवी के बाद उनका एक्सीडेंट हो गया. इसके चलते एक्ट्रेस का करियर तबाह हो गया. उन्होंने पंजाबी प्रोड्यूसर-डायरेक्टर दीपक सेठ से शादी रचाई थी. 2002 में उन्होंने फिर से बॉलीवुड में कमबैक किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली.
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