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श्रीदेवी सिर्फ एक एक्ट्रेस नहीं थीं, बल्कि वे एक संस्था थीं. उनका ऐसा रुतबा था कि उनके सामने बड़े-बड़े कलाकार भी अलर्ट हो जाते थे. उनकी आखिरी फिल्म ‘मॉम’ के सेट पर एक सीन में उनके किरदार के साथ जबरदस्त शारीरिक हिंसा दिखानी थी. जो एक्टर यह सीन करने वाले थे, वे स्क्रिप्ट से अच्छी तरह वाकिफ थे, लेकिन फिर भी वे इस सीन को करने के भावनात्मक बोझ के लिए तैयार नहीं थे.
बॉलीवुड फिल्मों में विलेन का किरदार निभाने एक्टर ने हाल में दिए एक इंटरव्यू खुलासा किया कि उन्हें श्रीदेवी के साथ काम करना उनके लिए बहुत ही डरावना अनुभवा था. फिल्म में श्रीदेवी के साथ काफी डार्क और वायलेंट सीन करना उनके लिए कंफर्टेबल नहीं था. वजह थी कि इसमें थप्पड़ मारना, बाल खींचना, दबोचना और नीचे गिराना शामिल था. स्क्रिप्ट में यह एक आम क्राइम थ्रिलर सीन जैसा ही लग रहा था. लेकिन जब कैमरा रोल हुआ और सामने श्रीदेवी खड़ी थीं, तो डर ने उस एक्टर को घेर लिया और उनका आत्मविश्वास डगमगा गया.

यह एक्टर कोई और नहीं बल्कि अभिमन्यु सिंह हैं, जिन्होंने ‘मॉम’ और कई अन्य फिल्मों में विलेन की भूमिका निभाई है. हाल ही में एक इंटरव्यू में अभिमन्यु ने बताया कि यह अनुभव उनके लिए बहुत डरावना था. फिल्म में भले ही वे एक निर्दयी क्रिमिनल का किरदार निभा रहे थे, लेकिन श्रीदेवी के सामने काम करना उन्हें इतना नर्वस कर गया, जितना कोई और रोल कभी नहीं कर पाया.

अभिमन्यु ने खुलकर कहा कि श्रीदेवी उनकी सबसे पसंदीदा अभिनेत्री थीं. उनके साथ स्क्रीन शेयर करना उनके लिए अविश्वसनीय और भारी अनुभव था. जब श्रीदेवी ने मॉनिटर पर उनका अभिनय देखा और उनकी तारीफ की, तो यह उनके लिए यादगार बन गया और दबाव और बढ़ गया. उनके लिए खलनायक का रोल निभाना काफी भारी था.
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मुश्किल सीन के बारे में बात करते हुए अभिमन्यु ने याद किया कि उन्हें श्रीदेवी की पीठ पर बैठना था. उन्होंने तुरंत टीम से कह दिया कि वे यह पूरी तरह नहीं कर सकते क्योंकि वे बहुत असहज महसूस कर रहे थे. आखिरकार, उन्होंने अपने पैर को साइड में रखकर सीन को ऐसे शूट किया कि उनका वजन श्रीदेवी पर न पड़े.

बाल खींचने वाला सीन तो उन्हें और भी परेशान कर रहा था. अभिमन्यु ने कहा कि उनके हाथ क्रूरता दिखाने के लिए तैयार ही नहीं हो रहे थे. चाहे कितनी भी बार रीटेक हुआ, वे अनजाने में खुद को रोक लेते थे. जब श्रीदेवी ने मॉनिटर पर यह देखा, तो उन्होंने सीधा सवाल किया कि वे इतने नरम क्यों हैं. उस पल ने अभिमन्यु को असमंजस और भावुक कर दिया. उन्होंने श्रीदेवी से कबूल किया कि उन्हें डर है कि अगर वे जोर से खींचेंगे तो उन्हें चोट लग सकती है. उनका डर पेशेवर कमी से नहीं, बल्कि गहरे सम्मान से था. श्रीदेवी ने शांत रहकर उन्हें भरोसा दिलाया और कहा कि उनकी सुरक्षा की चिंता न करें, बस सीन की सच्चाई पर ध्यान दें.

सबसे कठिन सीन तब आया जब अभिमन्यु को श्रीदेवी के चेहरे पर प्लास्टिक शीट डालकर उन्हें प्रताड़ित करना था. उन्होंने बताया कि स्क्रिप्ट के मुताबिक उन्हें आठ से दस सेकंड तक वह शीट उनके चेहरे पर रखनी थी. यह सोचकर ही वे डर गए और मानसिक रूप से परेशान हो गए.

लेकिन श्रीदेवी ने इसे पूरी शांति से संभाला. उन्होंने खुद समझाया कि सीन कैसे शूट होगा ताकि अभिमन्यु घबराएं नहीं. उन्होंने कहा कि जब उनकी सांसें टूटने लगेंगी, तो वे अपने पैर से उनकी पीठ पर इशारा करेंगी, तभी वे प्लास्टिक हटाएं. अभिमन्यु सिंह की यह कहानी श्रीदेवी का वह पहलू दिखाती है, जिसे बहुत कम लोगों ने देखा.

‘मॉम’ एक क्राइम थ्रिलर थी, जिसका निर्देशन रवि उद्यावर ने किया था और बोनी कपूर ने प्रोड्यूस किया था. फिल्म में श्रीदेवी मुख्य भूमिका में थीं, उनके साथ नवाजुद्दीन सिद्दीकी, अक्षय खन्ना, अभिमन्यु सिंह और पाकिस्तानी अभिनेत्री सजल अली भी अहम किरदार में थीं. यह श्रीदेवी की 300वीं फिल्म थी, जो 2017 में रिलीज हुई थी. फिल्म को इसके अभिनय के लिए जबरदस्त सराहना मिली थी.
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