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बॉलीवुड में सांप्रदायिक भेदभाव को लेकर एआर रहमान के हालिया बयान ने फिल्म इंडस्ट्री के भीतर एक नई बहस छेड़ दी है. इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखते हुए एक्टर रणवीर शौरी ने रहमान की बातों से पूरी तरह असहमति जताई है. रणवीर ने न केवल रहमान के सांप्रदायिक एंगल को नकारा, बल्कि यह भी संकेत दिया कि काम न मिलने की वजहें व्यक्तिगत या व्यावसायिक हो सकती हैं, जैसे कि उनकी भारी-भरकम फीस. रणवीर का मानना है कि इंडस्ट्री में संघर्ष और पक्षपात हर किसी के साथ होता है, लेकिन उसे सांप्रदायिकता का रंग देना सही नहीं है.
नई दिल्ली. ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान अपने एक ताजा बयान की वजह से विवादों में आ गए हैं. उन्होंने अपने बयान में कहा कि पिछले कुछ सालों से उन्हें हिंदी फिल्मों के ऑफर कम मिल रहे हैं. उन्होंने इस बात की आशंका भी जताई कि यह भेदभाव सांप्रदायिक कारणों से हो सकता है. अब रहमान के इस बयान पर बहस छिड़ गई है और सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना भी हो रही है. इस मामले में एक्टर रणवीर शौरी ने अपनी राय रखते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में हर कलाकार को अपनी लड़ाई खुद लड़नी पड़ती है और काम का मिलना या न मिलना किसी एक वजह पर निर्भर नहीं होता.
बॉलीवुड में हर तरह के होते हैं भेदभाव
इंडस्ट्री में भेदभाव के सवाल पर रणवीर ने खुलकर कहा कि उन्होंने भी पक्षपात झेला है. उन्होंने कहा, ‘जहां तक भेदभाव की बात है, तो मैंने भी इसका सामना किया है, पर वो कम्युनल नहीं बल्कि पॉलिटिकल किस्म का था. आपकी कामयाबी इस बात पर टिकी होती है कि आप इन अड़चनों से कैसे निपटते हैं. अगर मैं रोना रोने लगूं कि मेरे साथ भेदभाव हो रहा है, इसलिए काम नहीं मिल रहा, तो लोग कहेंगे कि मैं शिकायत कर रहा हूं. संघर्ष तो हर किसी का हिस्सा है. भेदभाव हर तरह के होते हैं, सिर्फ एक किस्म के नहीं, अहम यह है कि आप इन सबके बावजूद अपना करियर कैसे बनाते हैं.’
एआर रहमान के किस बयान पर मचा बवाल?
बीबीसी एशियन नेटवर्क के साथ बातचीत में एआर रहमान ने इंडस्ट्री के मौजूदा हालात पर कहा, ‘आजकल सत्ता उन लोगों के हाथ में है जो खुद क्रिएटिव नहीं हैं, फिर भी फैसले वही ले रहे हैं. मुझे ऐसा भी लगता है कि शायद इसके पीछे कोई सांप्रदायिक वजह हो सकती है, हालांकि मेरे सामने सीधे तौर पर कभी कुछ नहीं कहा गया. मुझे कानों-कान खबरें मिलती हैं कि किसी फिल्म के लिए मुझे तय किया गया था, लेकिन म्यूजिक कंपनी ने बीच में आकर अपने पांच अलग कंपोजर्स को रख लिया. जब मुझे यह पता चलता है, तो मैं बस यही कहता हूं कि चलो अच्छा है, मुझे थोड़ा आराम मिलेगा और मैं अपने परिवार के साथ वक्त बिता पाऊंगा.’
विवाद बढ़ने पर एआर रहमान ने दी थी सफाई
सांप्रदायिक भेदभाव वाले इस बयान पर जब बवाल बढ़ा और एआर रहमान को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने एक वीडियो के जरिए अपनी सफाई पेश की. रहमान ने कहा कि कभी-कभी इंसान की बात का गलत मतलब निकाल लिया जाता है, जबकि उनका मकसद हमेशा संगीत के जरिए लोगों को जोड़ने, सम्मान देने और कला की सेवा करना रहा है.
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साल 2015 में दैनिक भास्कर से करियर की शुरुआत की. फिर दैनिक जागरण में बतौर टीम लीड काम किया. डिजिटल करियर की शुरुआत आज तक से की और एबीपी, ज़ी न्यूज़, बिज़नेस वर्ल्ड जैसे संस्थानों में काम किया. पिछले 6 सालों से …और पढ़ें
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