‘पुजारी तो कोई भी हो सकता है’, विवाद के बीच ‘घूसखोर पंडित’ पर अनूप जलोटा का बयान, मेकर्स को दी नसीहत
‘पुजारी तो कोई भी हो सकता है’, विवाद के बीच ‘घूसखोर पंडित’ पर अनूप जलोटा का बयान, मेकर्स को दी नसीहत
नई दिल्ली: मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के टाइटल की वजह से विवाद खड़ा हो गया है. फिल्म का चौतरफा विरोध हो रहा है. विवाद के बीच अनूप जलोटा ने फिल्म के टाइटल पर अपना बयान दिया है और मेकर्स से इसमें छोटा सा बदलाव करने की नसीहत दी है. वे एक वायरल वीडियो में कह रहे हैं, ‘विवाद है फिल्म के टाइटल घूसखोर पंडित पर, विवाद तो इस पर होना ही है, क्योंकि पंडतों को सुनकर अच्छा नहीं लेगा. मेरे ख्याल से इसमें थोड़ा सा बदलाव हो जाए, क्योंकि पंडत जो है, धर्म है, जाति है. किसी जाति को कैसे कह सकते हैं कि यह घूसखोर है. इसमें छोटा सा एक बदलाव आ जाए कि ‘घूसखोर पुजारी’. पुजारी तो कोई भी हो सकता है. पुजारी मैं भी हो सकता हूं, हमारा ड्राइवर है, वह भी पूजा कर रहा है तो वह भी पुजारी हो सकता है. पुजारी कोई व्यक्ति नहीं है, जाती नहीं है, धर्म नहीं है. कोई पूजा कर रहा है, वह पुजारी है. अगर टाइटल में थोड़ा सा बदलाव हो जाए, तो कई लोगों की मुश्किलें आसान हो जाएंगी.’
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